Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयमुस्लिम चरवाहों ने 2019 में मार डाले 1000 ईसाई किसान, पिछले 4 सालों में...

मुस्लिम चरवाहों ने 2019 में मार डाले 1000 ईसाई किसान, पिछले 4 सालों में मारे गए 6000 के पार: रिपोर्ट

जिन क्षेत्रों में ये सब होता है वहाँ के हालत इतने बेकार हैं कि हर गाँव से सिर्फ़ मदद माँगती आवाजें ही आती हैं। वहाँ स्थानीय लोग कहते हैं- "प्लीज-प्लीज हमारी मदद करो। फुलानी ( मुस्लिम चरवाहे) आ रहे हैं। हम अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।"

नाइजीरिया के ‘मिडल बेल्ट‘ में केवल एक साल के भीतर 1000 ईसााईयों को मार दिया गया। द ह्यूमनेटेरियन क्रिश्चियन एड रिलीफ ट्रस्ट (HART) ने इसका खुलासा अपनी रिपोर्ट में किया। रिपोर्ट में इस नरसंहार के पीछे बोको हराम के जिहादियों और मुस्लिम चरवाहों को जिम्मेदार ठहराया गया

रिपोर्ट में कहा गया कि मुस्लिम चरवाहों के समूह ने यहाँ ईसाई किसानों को उनकी जमीन हथियाने के लिए निशाना बनाया। साथ ही आक्रामक और रणनीतिक रूप से उनकी जमीन हथियाने के लिए नारा दिया- ‘Your land or your blood’।

HART की संस्थापक बैरोनोस कॉक्स (Baroness Cox) ने इस संबंध में बताया कि हिंसा प्रभावित गावों में वे कई बार गई। जहाँ उन्होंने मौत और बर्बादी की कई शोकपूर्ण घटनाएँ देखीं।

वे बताती है कि जिन क्षेत्रों में ये सब होता है वहाँ के हालत इतने बेकार हैं कि हर गाँव से सिर्फ़ मदद माँगती आवाजें ही आती हैं। वहाँ स्थानीय लोग कहते हैं- “प्लीज-प्लीज हमारी मदद करो। फुलानी ( मुस्लिम चरवाहे) आ रहे हैं। हम अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं।”

उनके मुताबिक, पिछले कुछ सालों में जमीन और पानी की लड़ाई ने यहाँ एक भयंकर मजहबी रूप ले लिया है। जिसके चलते जनवरी 2019 से अब तक 1000 ईसाई मारे जा चुके हैं। जबकि पिछले 4 सालों में ये आँकड़ा 6000 से ज्यादा का है। इसके अलावा 12,000 से ज्यादा लोगों को फुलानी समूह उनके घरों से विस्थापित कर चुके हैं।

इतना ही नहीं, कॉक्स के मुताबिक, किसानों पर हमला करने वाले मुस्लिम चरवाहे इस्लामिक विचारधारा के साथ इन इलाकों में विविधताओं और विभिन्नताओं को बदल देना चाहते हैं, लेकिन जब वहाँ का स्थानीय ऐसा करने से मना करता है, तो नरसंहार होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉक्स कहती हैं, बहुत जल्दी, यहाँ कुछ बदलना चाहिए। क्योंकि जब तक इस तरह के नरसंहारों को झेला जाता रहेगा, तब तक इन्हें श्रेय मिलती रहेगी और ये लोग यहाँ किसानों को मारना जारी रखेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -