Monday, March 1, 2021
Home बड़ी ख़बर 'कॉलेजियम के फ़ैसले ने बढ़ा दी है चिंताएँ, एक साल बाद भी कुछ नहीं...

‘कॉलेजियम के फ़ैसले ने बढ़ा दी है चिंताएँ, एक साल बाद भी कुछ नहीं बदला’

बार काउन्सिल ऑफ इंडिया ने भी कॉलेजियम की सिफ़ारिशों पर आपत्ति दर्ज़ कराते हुए चेतावनी दी कि वो सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे

कॉलेजियम की सिफ़ारिशों पर चल रहे विवाद के बीच दिल्ली हाईकोर्ट के जज संजीव खन्ना और कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी बुधवार (जनवरी 16, 2019) को सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त किए गए। कॉलेजियम की सिफ़ारिशों पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी हस्ताक्षर किए। बता दें कि कॉलेजियम ने पहले दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग की पदोन्नति की सिफ़ारिश की थी। बाद में कॉलेजियम ने उन दोनों की जगह जस्टिस माहेश्वरी और जस्टिस खन्ना को प्रमोट करने की सिफ़ारिश की।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आरएम लोढ़ा ने संजीव खन्ना की पदोन्नति पर सवाल करते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पिछले एक साल में कुछ भी बदला है। जस्टिस लोढ़ा ने क़रीब एक वर्ष पहले हुए चार जजों के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बात करते हुए कहा कि उस समय जो चिंताएँ ज़ाहिर की गई थी वो अब भी जस की तस बानी हुई है।

जस्टिस लोढ़ा ने कहा: “12 जनवरी 2018 को चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने तब दूसरे सबसे वरिष्ठ जज के तौर पर तत्कालीन चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे, उसमें जजों की नियुक्ति का मुद्दा भी शामिल था। चिंताएँ अब भी जस की तस बनी हुई हैं। हाल ही में कॉलेजियम के फ़ैसले ने इसे और बढ़ा दिया है। मुझे नहीं लगता कि एक साल बाद भी कुछ बदला है।”

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट के चार जजों- जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ़ ने जनवरी 2018 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उच्चतम न्यायालय के प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने मुक़दमों के आवंटन और जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा पर सवाल खड़े किए थे। यह भारतीय न्यायिक इतिहास में पहला मामला था जब जजों ने सार्वजनिक तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जस्टिस गोगोई अब भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) हैं।

जस्टिस लोढ़ा के अलावे और कई रिटायर्ड और कार्यरत जजों ने भी दोनों की नियुक्तियों पर सवाल खड़े किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के जज संजय किशन कौल ने CJI रंजन गोगोई को पत्र लिख कर नाराज़गी जताई। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज कैलाश गंभीर ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर इन दोनों नियुक्तियों के ख़िलाफ़ अपना विरोध दर्ज़ कराया। बार काउन्सिल ऑफ इंडिया ने भी कॉलेजियम की सिफ़ारिशों पर आपत्ति दर्ज़ कराते हुए चेतावनी दी कि वो सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

आज तक के सूत्रों के मुताबिक़ जस्टिस कौल का मानना है कि इन नियुक्तियों से बार एसोसिएशन और अन्य कार्यरत जजों में अच्छा सन्देश नहीं गया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसे लगेगा वैक्सीन, कहाँ कराएँ रजिस्ट्रेशन, कितने रुपए होंगे खर्च… 9 सवाल और उसके जवाब से जानें हर एक बात

कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण 1 मार्च 2021 के साथ शुरू हो गया है। दूसरे फेज में 60 साल से ज्यादा और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों को...

केरल में कॉन्ग्रेस ने मुस्लिम वोटरों पर लगाया बड़ा दाँव, मुस्लिम लीग को दे दी 26 सीटें

केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)' के साथ सीट शेयरिंग फॉर्मूला फाइनल कर लिया है।

’50 करोड़ भारतीय मर जाए’ – यह दुआ करने वाले मौलाना को कॉन्ग्रेस-लेफ्ट गठबंधन में 30 सीटें, फिर भी दरार!

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले वामदलों, कॉन्ग्रेस और मौलाना अब्बास सिद्दीकी के ISF के बीच हुए गठबंधन में दरार दिख रही है।

असम का गमछा, पुडुचेरी की नर्स: PM मोदी ने हँसते-हँसते ली कोरोना वैक्सीन की पहली डोज

अब जब आम लोगों को कोरोना के खिलाफ बनी वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है, पीएम नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 के पहले ही दिन कोरोना वैक्सीन की डोज ली।

यूपी में सभी को दी जाएगी एक यूनिक हेल्थ आईडी, शहरों में हजारों गरीबों को घर देने की तैयारी में योगी सरकार

जल्द व बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी लोगों के स्वास्थ्य का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (एनडीएचएम) के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

सोनिया को राहुल बाबा को PM बनाने की चिंता, स्टालिन को उधयनिधि को CM- 2जी, 3जी, 4जी सब तमिलनाडु में: अमित शाह

गृह मंत्री ने कहा कि सोनिया गाँधी को राहुल बाबा को प्रधानमंत्री बनाने की चिंता है और स्टालिन जी को उधयनिधि को मुख्यमंत्री बनाने की चिंता है। इन्हें ना देश की चिंता है और ना तमिलनाडु की, उनको बस अपने परिवार की चिंता है।

प्रचलित ख़बरें

‘अल्लाह से मिलूँगी’: आयशा ने हँसते हुए की आत्महत्या, वीडियो में कहा- ‘प्यार करती हूँ आरिफ से, परेशान थोड़े न करूँगी’

पिता का आरोप है कि पैसे देने के बावजूद लालची आरिफ बीवी को मायके छोड़ गया था। उन्होंने बताया कि आयशा ने ख़ुदकुशी की धमकी दी तो आरिफ ने 'मरना है तो जाकर मर जा' भी कहा था।

पत्थर चलाए, आग लगाई… नेताओं ने भी उगला जहर… राम मंदिर के लिए लक्ष्य से 1000+ करोड़ रुपए ज्यादा मिला समर्पण

44 दिन तक चलने वाले राम मंदिर निधि समर्पण अभियान से कुल 1100 करोड़ रुपए आने की उम्मीद की गई थी, आ गए 2100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा।

कोर्ट के कुरान बाँटने के आदेश को ठुकराने वाली ऋचा भारती के पिता की गोली मार कर हत्या, शव को कुएँ में फेंका

शिकायत के अनुसार, वो अपने खेत के पास ही थे कि तभी आठ बदमाशों ने कन्धों पर रायफल रखकर उन्हें घेर लिया और फायरिंग करने लगे।

असम-पुडुचेरी में BJP की सरकार, बंगाल में 5% वोट से बिगड़ रही बात: ABP-C Voter का ओपिनियन पोल

एबीपी न्यूज और सी-वोटर ओपिनियन पोल के सर्वे की मानें तो पश्चिम बंगाल में तीसरी बार ममता बनर्जी की सरकार बनती दिख रही है।

‘मैं राम मंदिर पर मू$%गा भी नहीं’: कॉन्ग्रेस नेता राजाराम वर्मा ने की अभद्र टिप्पणी, UP पुलिस ने दर्ज किया मामला

खुद को कॉन्ग्रेस का पदाधिकारी बताने वाले राजाराम वर्मा ने सोशल मीडिया पर अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर अभद्र टिप्पणी की है।

माँ बन गई ईसाई… गुस्से में 14 साल के बेटे ने दी जान: लाश के साथ ‘जीसस के चमत्कार’ की प्रार्थना

झारखंड के चतरा स्थित पन्नाटांड़ में एक किशोर ने कुएँ में कूद कर आत्महत्या कर ली क्योंकि वो अपने माँ के ईसाई धर्मांतरण से दुःखी था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,201FansLike
81,844FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe