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…क़सम ‘गुप्त-कोष’ वाले गुप्ता जी के अजगर की हम 7 में से 8 सीट जीत रहे थे : केजरी पर कुमार ने कसा तंज

AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने रमजान के महीने में तीन चरणों का लोकसभा चुनाव कराने को समुदाय विशेष के लिए मतदान को कठिन कर देने की साजिश और भाजपा को फायदा पहुँचाने की कोशिश का आरोप लगाया था।

केजरीवाल की नीति और रीति से देश वाकिफ़ हो चुका है। अब तो स्थिति यह हो गई है कि केजरीवाल किस मुद्दे पर कौन सा रंग दिखाएँगे, इस पर भी उनके ही पार्टी के नेता तंज करने से नहीं चूक रहे। आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक डॉ. कुमार विश्वास ने तंज किया कि 23 मई को, जिस दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आएँगे उस दिन अरविंद केजरीवाल के बोल-बच्चन क्या होंगे। उन्होंने ट्वीट किया, “चुनाव-आयोग ने ऐसी तिथि में चुनाव कराए कि हमारे मुस्लिम वोटर तो रमज़ान की वजह से वोट डालने निकले नहीं थे, यूपी-बिहार वाले छुट्टी चले गए थे, कार्यकर्ताओं को लग्न-ब्याह में जाना पड़ गया था नहीं तो क़सम “गुप्त-कोष” वाले गुप्ता जी के अजगर की हम 7 में से 8 सीट जीत रहे थे।”

इससे पहले भी कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर तंज किया था, “ज़मानत ज़ब्त होने के डर से आत्ममुग्ध बौने ने चुनाव घोषणा के दिन ही “अमानत” छोड़ दी?”

वहीं कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन न होने पर भी कुमार विश्वास ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, “तो उन्होंने लगभग मना कर दिया जी”

मंचीय कवि कुमार विश्वास ने कुछ देर बाद एक और ट्वीट किया था। उन्होंने इस ट्वीट में बिना नाम लिए तंज कसा। हालाँकि, उनके इस ट्वीट को देखकर स्पष्ट अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका यह ट्वीट अरविंद केजरीवाल के लिए ही है।

बता दें कि चुनाव आयोग के चुनाव तारीखों की घोषणा के बाद, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पवित्र रमजान के महीने में तीन चरणों का लोकसभा चुनाव कराना मुस्लिम समुदाय के लिए मतदान को कठिन कर देने की साजिश और भाजपा को फायदा पहुँचाने की कोशिश है।

वहीं ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और ऑल इण्डिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मई में रमजान के दौरान लोकसभा चुनाव कराये जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए निर्वाचन आयोग से तारीखें बदलने पर विचार करने की माँग की है। जिसका कॉन्ग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत कई राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन किया था।

इस मामले में आयोग की ओर से सोमवार (मार्च 11, 2019) को जारी प्रतिक्रिया में कहा गया है कि रमज़ान के दौरान पूरे महीने के लिए चुनाव प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस दौरान ईद के मुख्य त्यौहार और शुक्रवार का ध्यान रखा गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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