Tuesday, September 28, 2021
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चित्रा त्रिपाठी के साथ किसानों की छेड़छाड़ को सहकर्मी प्रीति चौधरी ने ठहराया सही, कहा- ‘ये सब होता है’, देखें वीडियो

प्रीति चौधरी ने कहा, "चूँकि आपने मेरी सहयोगी की स्थिति को उठाया है, तो वह एक रिपोर्टर है, मैं भी एक ग्राउंड रिपोर्टर हूँ। यह सब प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसा हर जगह होता है, आप जहाँ भी जाते हैं। यह महापंचायतों और राजनीतिक रैलियों में भी होता है।"

इंडिया टुडे की पत्रकार प्रीति चौधरी ने अपनी सहकर्मी चित्रा त्रिपाठी के साथ मुजफ्फरनगर में महापंचायत के दौरान हुई छेड़छाड़ को सामान्य बताने का प्रयास किया है। ये वाकया उस समय हुआ जब भाजपा प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने चित्रा त्रिपाठी के साथ हुई घटना पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और प्रीति चौधरी ने निंदा करने की बजाय कहा कि ये सब सामान्य है, खुद उन्होंने भी इन चीजों को फेस किया है।

प्रीति चौधरी ने कहा, “चूँकि आपने मेरी सहयोगी की स्थिति को उठाया है, तो वह एक रिपोर्टर है, मैं भी एक ग्राउंड रिपोर्टर हूँ। यह सब प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसा हर जगह होता है, आप जहाँ भी जाते हैं। यह महापंचायतों और राजनीतिक रैलियों में भी होता है।”

इस बातचीत के बीच नुपूर शर्मा, प्रीति चौधरी को रोकती हैं और याद दिलाने की कोशिश करती हैं कि वो भी एक महिला हैं और इस तरह महिला उत्पीड़न को सामान्य बताना बेहद नीच है, लेकिन चौधरी फिर भी ऐसे मामले में किसानों का पक्ष लेती हैं और दोहराती हैं कि पत्रकारों को ऐसे हालातों से जूझना पड़ता है।

नुपूर शर्मा ने प्रीति चौधरी का ऐसा रवैया देखने के बाद कहा कि वो बताएँ कि आखिर कब महापंचायत जैसे समारोह में ऐसी घटनाएँ हुई थीं। हालाँकि चौधरी ने जवाब देने की बजाय प्रश्न को ये कह कर खारिज कर दिया कि ये डिबेट उनके सहकर्मियों पर नहीं है। वह कहती हैं, “मेरी सहकर्मी वहाँ गईं, अपना काम किया और और किसी भी राजनीतिक रैली या महापंचायत पर टिप्पणी दिए बिना इसे फिर से करेंगी।”

गौरतलब है कि आजतक टीवी चैनल की पत्रकार और संपादक चित्रा त्रिपाठी रविवार (5 सितंबर 2021) को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों की महापंचायत को कवर करने के लिए गई थीं। वहाँ कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काफी परेशान किया। प्रदर्शनकारी चित्रा के आसपास जमा हो गए और ‘गोदी मीडिया हाय-हाय’ के नारे लगाने लगे। आखिरकार कार्यक्रम को कवर करने के लिए गईं पत्रकार को मौके से खदेड़ दिया गया।

मालूम हो कि इस घटना के बाद सिर्फ चित्रा त्रिपाठी की सहकर्मी ही नहीं बल्कि न्यूज क्लिक पत्रकार श्याम मीरा सिंह भी इस बदसलूकी को जस्टिफाई करते दिखाई दिए थे। न्यूज़क्लिक के ‘पत्रकार’ श्याम मीरा सिंह ने उत्पीड़न की निंदा करने के बजाय, चित्रा त्रिपाठी पर जनता को ‘मूर्ख’ बनाने का आरोप लगाते हुए अत्याचारी आचरण को सही ठहराया। न्यूज़क्लिक के श्याम मीरा सिंह ने दावा किया कि यही लोग रवीश कुमार की सराहना करेंगे, लेकिन रवीश कुमार के खिलाफ भी होंगे।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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