Wednesday, September 28, 2022
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बिहार में अंजना ओम कश्यप के साथ हुई अभद्रता: Video देख खुशी से फूले कॉन्ग्रेसी, महिला पत्रकार के ‘अपमान’ पर लिबरल गिरोह भी लहालोट

ध्यान देने योग्य बात है कि महिला पत्रकार अंजना ओम कश्यप के खिलाफ हमले का उन लोगों ने समर्थन किया है, जिन्होंने श्रीकांत त्यागी के एक महिला के साथ अभद्रता करने पर नाराजगी व्यक्त की थी।

बिहार में चल रही राजनीतिक उठापठक को कवर करने दिल्ली से पटना पहुँची आज तक की वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप (Anjana Om Kashyap) को देखकर भीड़ ने उन्हें घेर लिया और उनके खिलाफ नारे लगाए। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि जेडीयू (JDU) के नीतीश कुमार (Nitish Kumar) एक बार फिर से पलट गए और राजद-कॉन्ग्रेस के साथ महागठबंधन में शामिल हो गए।

अंजना ओम कश्यप राजनीतिक मुद्दों को कवर करती हैं। वह बिहार में चल रहे सियासी उठापटक, नीतीश के दल बदलने और फिर से महागठबंधन में शामिल होने की जमीनी हकीकत को दर्शकों तक पहुँचाने के लिए दिल्ली से पटना आई हुई थीं। अंजना ने जैसे ही रिपोर्टिंग शुरू की भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाना शुरू कर दिया। उन लोगों ने उनका नाम लिया और उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसमें एक महिला पत्रकार के साथ असभ्य लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है।

यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। कॉन्ग्रेस, राजद, विपक्षी पार्टी के समर्थकों-नेताओं, वामपंथी पत्रकारों और तथाकथित ‘फैक्ट चेकर महिला पत्रकार को परेशान किए जाने और उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने से काफी खुश नजर आए।

पत्रकार, कॉन्ग्रेस नेताओं ने भीड़ समर्थन

पत्रकार उत्कर्ष सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर अंजना ओम कश्यप का यह वीडियो शेयर किया है, जिसमें भीड़ उनके खिलाफ नारे लगा रही है। उत्कर्ष सिंह लिखते हैं, “सरकार पलटने के बीच एक घटना ये भी हुई।” मालूम हो कि क्विंट के पत्रकार उत्कर्ष सिंह भी आज तक में काम कर चुके हैं। राजद-कॉन्ग्रेस के प्रति इनका झुकाव किसी से छिपा नहीं है।

हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में जेल गए मोहम्मद ज़ुबैर ने भी उत्कर्ष सिंह के ट्वीट को रीट्वीट किया है। खुद को फैक्ट चेकर बताने वाले ज़ुबैर इस बारे में बिल्कुल भी नहीं सोचा कि कैसे भीड़ महिला पत्रकार को परेशान कर रही है। मोहम्मद ज़ुबैर भगवान राम, रामायण सब का अपमान कर चुका है।

फोटो साभार: ट्विटर

एक अन्य पत्रकार पुनीत कुमार सिंह ने भी इस वीडियो को साझा किया है। यही नहीं उन्होंने इशारों-इशारों में अंजना ओम कश्यप के खिलाफ हमले को उचित भी ठहराया है।

कॉन्ग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों ने भी अंजना ओम कश्यप पर भीड़ के हमले का समर्थन किया है। जबकि कॉन्ग्रेस ने ही ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ का नारा दिया था, लेकिन आज ये सभी पत्रकार के साथ किए गए अभद्र व्यवहार को लेकर खुश नजर आए। राहुल गाँधी के करीबी कॉन्ग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने हमले का वीडियो साझा किया है। उन्होंने लिखा, “सरकार के स्टार एंकरों के सड़कों पर उतरते ही ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हो रही है, ये बात चैनलों को अब विचार करने की जरूरत है…! लोकतंत्र के लिए ऐसी तस्वीरें शुभ नहीं हैं।”

कई अन्य कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘गोदी मीडिया पत्रकार अंजना ओम कश्यप’ का इस तरह से स्वागत करने के लिए बिहार के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए वीडियो साझा किया।

सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस समर्थक भी पत्रकार को बदनाम करने और भीड़ को समर्थन देने में शामिल हो गए।

राहुल गाँधी के एक फैन ने लिखा, “बिहार में अंजना ओम कश्यप का भव्य स्वागत ‘गोदी मीडिया गो बैक’ और ‘गोदी मीडिया मुर्दाबाद’ के नारों से किया गया, जब ये स्टूडियों के गुलदस्ते फील्ड में जाते हैं, तब इनको इनकी असलियत दिखती है।”

वामपंथी उन्हें पसंद नहीं करते जो उनके आगे झुकते नहीं

यह ध्यान देने योग्य बात है कि अंजना ओम कश्यप के खिलाफ हमले का उन लोगों ने समर्थन किया है, जिन्होंने श्रीकांत त्यागी के एक महिला के साथ अभद्रता करने पर नाराजगी व्यक्त की थी। फैक्ट चेकर, वामपंथियों, कॉन्ग्रेस और विपक्षी नेताओं के उदार सिद्धांतों अब कहाँ गए, जब एक महिला पत्रकार अंजना ओम कश्यप के खिलाफ नारे लगाए गए।

वामपंथियों और उनके पदचिन्हों पर जो भी चलने से इनकार करता है और उनके इस्लामी प्रचार को बढ़ावा देने में उनकी मदद नहीं करता है। वह उनके निशाने पर आ जाता है।

आपको बता दें कि अंजना ओम कश्यप उन निष्पक्ष पत्रकारों में से एक हैं, जो न केवल वामपंथियों के आगे झुकने से इनकार करती हैं, बल्कि लोगों को धोखा देने के लिए बुने गए नकली राजनीतिक नैरेटिव को भी उजागर करने का दम रखती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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