Homeरिपोर्टमीडियावित्तीय गड़बड़ी को लेकर BBC दफ्तरों में आयकर विभाग का सर्वे तीसरे दिन पूरा...

वित्तीय गड़बड़ी को लेकर BBC दफ्तरों में आयकर विभाग का सर्वे तीसरे दिन पूरा हुआ, मीडिया हाउस बोला- हम सहयोग करेंगे, उम्मीद है मामला जल्दी सुलझ जाएगा

इस मुद्दे पर अमेरिकी सरकार ने 14 फरवरी को कहा था कि वह दिल्ली में बीबीसी के दफ्तर में भारतीय आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए जा रहे सर्वे से अवगत है। हालाँकि, उसने इस पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

बीबीसी (BBC) के दिल्ली और मुंबई स्थित दफ्तरों में तीन दिन तक चला आयकर विभाग का सर्वे गुरुवार (16 फरवरी 2023) रात को खत्म हो गया। आयकर विभाग ने वित्तीय गड़बड़ी के शक में मंगलवार (14 फरवरी 2023) को विदेशी मीडिया हाउस के दिल्ली और मुंबई स्थित कार्यालयों पर सर्वे शुरू किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारी सर्वे के दौरान बीबीसी के ऑफिस से इकट्ठा किए गए कई दस्तावेज और डेटा को भी अपने साथ लेकर गए हैं। हालाँकि, उन्होंने जुटाए गए दस्तावेजों को लेकर कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है।

बीबीसी ने एक बयान जारी कर कहा, “आयकर की टीमें हमारे दिल्ली और मुंबई दफ्तरों से लौट गई हैं। हम अधिकारियों के साथ जाँच में सहयोग करना जारी रखेंगे और बिना किसी डर के रिपोर्ट देते रहेंगे। हमें उम्मीद है कि इस मामले को जल्द सुलझ जाएगा।”

विदेशी मीडिया संस्थान ने अपने बयान में यह भी कहा, “बीबीसी एक विश्वसनीय और स्वतंत्र मीडिया संगठन है। हम अपने सहकर्मियों और पत्रकारों के साथ खड़े हैं। कुछ कर्मचारियों से घंटों तक पूछताछ की गई और कुछ को पूछताछ के लिए रात भर ऑफिस में रुकना पड़ा। उनकी देखरेख करना हमारी प्राथमिकता है। हमारा कामकाज अब सामान्य हो गया है। हम भारत और इससे इतर हमारे दर्शकों और पाठकों को रिपोर्ट देते रहेंगे।”

केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजिजू ने गुरुवार (16 फरवरी 2023) को बीबीसी के कार्यालयों में आयकर सर्वेक्षण की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा था कि कुछ लोग विदेशी मीडिया हाउस पर भरोसा करते हैं, लेकिन भारतीय जाँच एजेंसियों पर नहीं।

वहीं, इस मुद्दे पर अमेरिकी सरकार ने 14 फरवरी को कहा था कि वह दिल्ली में बीबीसी के दफ्तर में भारतीय आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए जा रहे सर्वे से अवगत है। हालाँकि, उसने इस पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

दरअसल, वॉशिंगटन में पाकिस्तान के मीडिया संस्थान ARY के रिपोर्टर जहाँजेब अली ने यूएस स्टेट डिपार्टमेंट (US State Department Spokesperson) के प्रवक्ता नेड प्राइस से पूछा था कि अमेरिकी सरकार क्या इस मुद्दे को लेकर चिंतित है या फिर इस पर कुछ प्रतिक्रिया देना चाहती है?

इसके जवाब में नेड प्राइस ने कहा था कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर अच्छे संबंध हैं। साथ ही दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्य भी साझा करते हैं। उन्होंने भारत में बीबीसी के दफ्तरों में सर्वे को लेकर कुछ भी नहीं कहा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत-म्यांमार-थाईलैंड हाईवे चीन-पाकिस्तान के CPEC को देगा मात, लुक-ईस्ट नीति को मिलेगी मजबूती: जानिए क्यों 24 साल में भी पूरा नहीं हो पाया ये...

इंडिया-म्यांमार-थाईलैंड (आईएमटी) प्रोजेक्ट सामरिक मोर्चे पर चीन के बहुप्रचारित सीपीईसी को सीधी और करारी टक्कर देने का दम रखता है।

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के विकिपीडिया पेज पर वामपंथियों का प्रोपेगेंडा: सामने आए Kautilya3, Shahinshah121 व TrangaBellam जैसे नाम, जानें इनका इतिहास

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन के विकिपीडिया पेज में बदलावों को लेकर NPOV रिपोर्ट ने Wikipedia की निष्पक्षता पर खड़े किए सवाल। जानें पूरा मामला।
- विज्ञापन -