Thursday, September 23, 2021
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‘फिल्म में महिलाएँ भी हैं’: ‘भूत पुलिस’ की समीक्षा कर के फँस गया ‘इंडिया टुडे’, यामी गौतम ने लगा दी क्लास

"मीडिया पोर्टलों के लिए इस तथ्य को स्वीकार करने का समय आ गया है कि एक फिल्म महिला समकक्षों की भी होती है और हेडलाइन को लिखते समय इस पर सम्मानपूर्वक ध्यान दिया जाना चाहिए!”

हॉरर-कॉमेडी ‘भूत पुलिस’ का प्रीमियर शुक्रवार (सितंबर 10, 2021) को ‘डिज्नी+हॉटस्टार’ एप पर हुआ। फिल्म में अभिनेता अर्जुन कपूर, यामी गौतम, सैफ अली खान और जैकलीन फर्नांडीज ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म को जहाँ पॉजिटिव रिव्यू मिल रही है, वहीं यामी गौतम मीडिया, खासकर ‘इंडिया टुडे’ द्वारा फिल्म की समीक्षा के डायन सेक्सिस्ट रवैया अपनाए जाने से खुश नहीं हैं

अभिनेत्री ने 10 सितंबर को ट्विटर पर ‘भूत पुलिस’ की समीक्षा की हेडलाइन से महिला कलाकारों के नाम हटाने के लिए मीडिया हाउस को आड़े हाथों लिया।

इंडिया टुडे के फिल्म रिव्यू पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेत्री यामी गौतम ने ट्वीट किया, “फीडबैक के लिए धन्यवाद, लेकिन मीडिया पोर्टलों के लिए इस तथ्य को स्वीकार करने का समय आ गया है कि एक फिल्म महिला समकक्षों की भी होती है और हेडलाइन को लिखते समय इस पर सम्मानपूर्वक ध्यान दिया जाना चाहिए!” यामी गौतम के इस ट्वीट पर अभी तक इंडिया टुडे की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

यामी गौतम ने हाल ही में फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के निर्देशक आदित्य धर से शादी की। जिसके बाद ‘वोक’ लिबरलों ने उन्हें ‘खारिज’ कर दिया था। यामी को हिंदू पोशाक में उनकी तस्वीरों पर प्रशंसा मिलने से परेशान लिबरलों ने दोनों को खारिज करने के लिए उनके पति को ‘स्टॉक’ किया।

यामी गौतम को अभिनेता विक्रांत मैसी द्वारा उनकी शादी के लुक के लिए भी मज़ाक उड़ाया गया था। इस तस्वीर में यामी ने सुंदर लाल बनारसी रेशम की साड़ी पहनी थी। यामी गौतम के इंस्टाग्राम पोस्ट पर विक्रांत मैसी ने टिप्पणी की कि वह “राधे माँ की तरह शुद्ध और पवित्र दिख रही थीं।”

इंडिया टुडे की बात करें तो यह एक ऐसा मीडिया हाउस है, जो अपनी घटिया पत्रकारिता के लिए एक बार नहीं बल्कि कई बार बदनाम हुआ है। घटनाओं को सनसनीखेज बनाने के लिए घटनाओं को अत्यधिक नाटकीय बनाने के अलावा, इंडिया टुडे पर एक से अधिक मौकों पर फेक न्यूज फैलाने का भी आरोप है।

इंडिया टुडे के स्टार पत्रकार, प्रोपेगेंडिस्ट-इन-चीफ राजदीप सरदेसाईने झूठ को फैलाने और खबरों को सनसनीखेज बनाने की कला में लगभग महारत हासिल कर ली है। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में कोविड -19 पीड़ितों के लिए श्मशान घाट के बारे में झूठ बोलना हो या गणतंत्र दिवस का विद्रोह या सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस या सीएए के बारे में उनका प्रोपेगेंडा, राजदीप ने झूठ और डर फैलाने का एक भी मौका नहीं छोड़ा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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