Monday, January 17, 2022
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दिल्ली HC ने वामपंथी मीडिया पोर्टलों द वायर, क्विंट, ऑल्टन्यूज को अंतरिम राहत देने से किया इनकार, नए IT नियमों को दी थी चुनौती

कोर्ट में वेबसाइटों की ओर से नए आईटी नियमों को चुनौती देते हुए कहा गया था कि उन्हें नियमों के पालन के लिए नया नोटिस जारी किया गया है या फिर उन्हें जबरन कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने आज (जुलाई 7, 2021) वामपंथी न्यूज पोर्टल द वायर, द क्विंट और फैक्ट चैकिंग वेबसाइट ऑल्टन्यूज को अंतरिम राहत देने से मना कर दिया। इन वेबसाइटों ने नए आईटी नियमों के पालन के लिए जारी हुए नोटिस और अपने ऊपर एक्शन के डर से याचिका दायर की थी।

कोर्ट में वेबसाइटों की ओर से नए आईटी नियमों को चुनौती देते हुए कहा गया था कि उन्हें नियमों के पालन के लिए नया नोटिस जारी किया गया है या फिर उन्हें जबरन कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने सुनवाई की। उन्होंने इन पोर्टल्स को अंतरिम राहत देने से इंकार करते हुए केंद्र सरकार से जवाब माँगा। साथ ही मामले को 20 अगस्त तक के लिए टाल दिया।

बता दें कि नए नियमों से अंतरिम राहत के लिए हालिया आवेदन Pravda फाउंडेशन द्वारा दायर किया गया था, जो कि AltNews की मूल कंपनी है। इस मामले की जब सुनवाई हुई तो अवकाशकालीन पीठ ने अंतरिम राहत के लिए फाउंडेशन के आवेदन को नियमित पीठ के समक्ष 7 जुलाई को सूचीबद्ध करने का फैसला किया। जिसके बाद आज इस पर सुनवाई हुई।

याचिका में आईटी नियमों को अनुच्छेद 19(1), 19(1)(g), 14 और 21 का उल्लंघन बताकर चुनौती दी गई थी। न्यूज साइटों का कहना था कि नए आईटी नियम सरकार को उनपर निगरानी रखने की मंजूरी देते हैं जो कि मूल सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के दायरे से बाहर में आता है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले केंद्र सरकार की ओर से भी देश के अलग-अलग हाई कोर्ट्स में नए आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की माँग की गई है। ये याचिकाएँ दिल्ली और मद्रास हाई कोर्ट समेत देश के कई न्यायालयों में पेडिंग हैं।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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