Tuesday, September 28, 2021
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रसगुल्ला के कारण राजदीप ने बंगाल हिंसा पर नहीं पूछा सवाल: TheLallantop के शो में कबूली बात, देखें वीडियो-समझें पत्रकारिता

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समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने कहा है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से वहाँ हो रही हिंसा पर इसीलिए सवाल नहीं पूछे, क्योंकि ऐसा करने पर उन्हें रसगुल्ला नहीं मिलता। उन्होंने ‘दी लल्लनटॉप’ के यूट्यूब चैनल में संपादक सौरभ द्विवेदी के साथ चर्चा के दौरान ये बात कही। ‘नेता नगरी’ नामक कार्यक्रम के इस एपिसोड में ममता बनर्जी के हालिया दिल्ली दौरे को लेकर चर्चा हो रही थी।

सौरभ द्विवेदी ने राजदीप सरदेसाई से सवाल पूछा था कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह चुनाव बाद हिंसा हो रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं को TMC के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रकट रूप से निशाना बनाया जा रहा है, क्या इसके बारे में ममता बनर्जी के साथ उनका कोई सवाल-जवाब हुआ? क्या ममता बनर्जी को इसकी कोई फ़िक्र है? इस पर राजदीप सरदेसाई ने सफाई दी कि उन्होंने ममता बनर्जी का कोई टीवी इंटरव्यू नहीं किया है।

राजदीप ने कहा कि वो ममता बनर्जी के साथ ‘चाय पर चर्चा’ के लिए गए थे, जहाँ उन्होंने पूछा कि क्या बंगाल हिंसा से आपकी छवि को कोई नुकसान पहुँचा है? बकौल राजदीप सरदेसाई, ममता बनर्जी ने उन्हें जवाब दिया कि भाजपा उन्हें घेरने के लिए ये सब कह रही है और ये कहना गलत है कि उनकी ही वजह से ये सब हो रहा। ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि उन्होंने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के कैडर को शांत बनाए रखने के निर्देश दे दिए थे।

ममता बनर्जी ने राजदीप सरदेसाई से ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल में जो भी हिंसा हुई, उसमें से अधिकतर उनकी जीत और उनके मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बीच वाले समयावधि में हुई।राजदीप सरदेसाई ने कहा कि अगर वो सिर्फ हिंसा हिंसा पर सवाल पूछते तो ये ‘चाय पर चर्चा’ की दिशा कहीं और भटक जाती। साथ ही ये भी दावा किया कि उन्होंने ममता बनर्जी से कहा कि हिंसा में TMC के बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं।

राजदीप सरदेसाई ने सौरभ द्विवेदी से कहा, “मैं आपको आश्वासन देता हूँ। अगर ये टीवी इंटरव्यू होता तो सीधे सवाल-जवाब होते। अब ममता बनर्जी जीत कर आई हैं तो बधाई देने जाना पड़ता है न।” इस पर द्विवेदी ने कहा कि उन्हें आश्वासन देने की जरूरत नहीं है, ये सवाल बस उत्सुकतावश किया गया था। इसके बाद राजदीप सरदेसाई ने कहा, “इस तरह के सवाल पूछता तो रसगुल्ला नहीं मिलता।”

खाली ‘रसगुल्ला पत्रकारिता’ सुननी है तो 8 मिनट 5 सेकंड से 8 मिनट 10 सेकंड तक सुनें। मम्मी कसम ‘मारक मजा’ देगी!

वैसे राजदीप सरदेसाई, ममता बनर्जी और रसगुल्ला साथ में पहली बार चर्चा में नहीं आए हैं। 2 मई, 2021 को पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम की कवरेज के दौरान राजदीप सरदेसाई ने टिप्पणी की थी कि यदि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) बंगाल में जीत जाती है तो उसे कॉन्ग्रेस को रसगुल्ला का ट्रीट देना चाहिए। उन्होंने ध्रुवीकरण की बात करते हुए कहा था कि मतदाताओं ने सोचा कि कॉन्ग्रेस जीतेगी नहीं, इसीलिए उन्होंने अपना वोट TMC को दिया।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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