Sunday, July 21, 2024
Homeरिपोर्टमीडियाजुबैर ने 'Me Too' पर मचाया था हल्ला, खुद के साथी की बात आई...

जुबैर ने ‘Me Too’ पर मचाया था हल्ला, खुद के साथी की बात आई तो चुप: महिला ने लिखा है – ऐसी लड़कियाँ प्रतीक सिन्हा का निशाना, जिनका सोशल मीडिया में प्रभाव नहीं

रिटायर्ड जज मार्कण्डेय काटजू ने 'Me Too' पर पोस्ट्स डिलीट किए थे, जिस पर वो उन पर निशाना साधने में लगा था। उसने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर भी 'Me Too' के आरोप लगने के कारण तंज कसा था।

खुद को ‘फैक्ट-चेक’ का झंडाबरदार बताने वाले AltNews के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा पर ‘Me Too’ के आरोप लगे हैं, लेकिन उनका साथी और संस्थान का एक अन्य सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर इस पर चुप है। आरोप लगाने वाली महिला ने घटना का विवरण देते हुए कहा है कि प्रतीक सिन्हा महिलाओं को बिस्तर तक ले जाने के लिए वो किसी हद तक जा सकता है। उस पर महिलाओं के स्तन घूरने के आरोप भी लगे हैं।

मोहम्मद जुबैर की चुप्पी इसीलिए भी चर्चा लायक है, क्योंकि इससे पहले जब ‘Me Too’ अभियान सामने आया था और कई महिलाओं ने अपने-अपने अनुभव साझा किए थे, तब ‘गिरोह विशेष’ के लोग बिना किसी ट्रायल के चाह रहे थे कि जिस पर आरोप लगे उसे फाँसी पर ही चढ़ा दिया जाए। वहीं जब विनोद दुआ जैसों पर आरोप लगा तो इन्होंने चुप्पी साध ली। मोहम्मद जुबैर ने भी ‘Me Too’ पर खुल कर ट्वीट्स किए थे।

उसने नवंबर 2018 में ऑपइंडिया पर ही आरोप लगाते हुए ‘Me Too’ हैशटैग का इस्तेमाल किया था। उसने पत्रकार गौरव सावंत पर ‘Me Too’ का आरोप लगने का दावा करते हुए एक के बाद एक ट्वीट्स किए थे और पत्रकार श्वेता सिंह पर भी इस पर ट्वीट न करने पर निशाना साधा था। रिटायर्ड जज मार्कण्डेय काटजू ने ‘Me Too’ पर पोस्ट्स डिलीट किए थे, जिस पर वो उन पर निशाना साधने में लगा था। उसने पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर भी ‘Me Too’ के आरोप लगने के कारण तंज कसा था।

पीड़िता ने लिखा है कि प्रतीक सिन्हा के दोस्तों के बताया कि वो महिला को अपनी बिस्तर तक ले जाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ये उनका एक पैटर्न था – ड्रामा करो, सीरियस रिलेशनशिप की बात करो और फिर महिला को बेड तक ले जाओ। आरोप है कि वो जिस लड़की को देखते हैं, उसे घूरना शुरू कर देते हैं। महिलाओं पर रात को वीडियो कॉल करने का दबाव बनाते हैं। वो ऐसी लड़कियों को चुनते हैं, जिनका सोशल मीडिया में कोई प्रभाव न हो – ताकि वो किसी बात को सार्वजनिक न कर सकें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

शुक्र है मीलॉर्ड ने भी माना कि वो इंसान हैं! चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखने को मद्रास हाई कोर्ट ने नहीं माना था अपराध, अब बदला...

चाइल्ड पोर्नोग्राफी को अपराध नहीं बताने वाले फैसले को मद्रास हाई कोर्ट के जज एम. नागप्रसन्ना ने वापस लिया और कहा कि जज भी मानव होते हैं।

आरक्षण के खिलाफ बांग्लादेश में धधकी आग में 115 की मौत, प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश: वहाँ फँसे भारतीयों को वापस...

बांग्लादेश में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के भी आदेश दिए गए हैं। वहाँ हिंसा में अब तक 115 लोगों की जान जा चुकी है और 1500+ घायल हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -