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‘मुस्लिमों को स्वीकारना होगा कि हिन्दू हैं उच्चतर’ – ‘इंडिया टुडे’ को मोहन भागवत पर फेक न्यूज के लिए NCM का नोटिस

"जब बँटवारा हुआ तो इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान का गठन हो गया लेकिन भारत में ऐसा कुछ भी नहीं था कि यहाँ सब कुछ हिन्दुओं के लिए ही है, यहाँ का संविधान तो सबके लिए था।" मोहन भागवत के इस बयान के उलट 'इंडिया टुडे' ने...

‘राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM)’ द्वारा ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ को नोटिस भेजा गया है। एनजीओ संचालक आरपी सिंह द्वारा की गई शिकायत के आधार पर NCM ने ये कार्रवाई की है। ‘इंडिया टुडे’ ने सरसंघचालक मोहन भागवत के एक बयान को लेकर ट्वीट किया था, जिसे भ्रामक बताते हुए आरपी सिंह ने NCM से शिकायत की थी। अब ‘राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग’ ने इस पर जवाब देने के लिए ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ को 15 दिनों का समय दिया है।

NCM के सदस्य आतिफ रशीद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ से कहा है कि वो इस मामले में 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपे, ताकि इसे आयोग के समक्ष आगे की कार्रवाई के लिए रखा जा सके। दरअसल, ‘इंडिया टुडे’ ने दावा किया था कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि हमारा संविधान ये कभी नहीं कहता है कि भारत में सिर्फ हिन्दू ही रह सकते हैं, इसीलिए यहाँ केवल हिन्दुओं की सुनी जाएगी और अगर मुस्लिम यहाँ रहना चाहते हैं तो उन्हें उच्चतर मानना पड़ेगा।

आरपी सिंह ने इसे फेक न्यूज़ बताते हुए कहा था कि ये खबर सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने वाला है। उन्होंने ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी से इस ‘फेक न्यूज़’ को लेकर माफ़ी माँगने को कहा था। हालाँकि, ‘इंडिया टुडे’ ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया है। आरपी सिंह ने जो वीडियो ट्वीट किया, उसमें मोहन भागवत कहते दिख रहे हैं कि भारत का संविधान सबके लिए है।

उन्होंने कहा था कि जब बँटवारा हुआ तो इस्लाम के नाम पर पाकिस्तान का गठन हो गया लेकिन भारत में ऐसा कुछ भी नहीं था कि यहाँ सब कुछ हिन्दुओं के लिए ही है, यहाँ का संविधान तो सबके लिए था। जबकि ‘इंडिया टुडे’ की खबर में इसके उलट बताया गया था। अब इसकी शिकायत के बाद NCM ने ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ को नोटिस जारी कर के 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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