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‘न्यूट्रल’ मीडिया ने पित्रोदा से कहा: ‘चुप भी करो यार, भाजपा को फायदा हो रहा है’

स्वाति चतुर्वेदी नामक ट्रोल पत्रकार ने सैम पित्रौदा को कॉन्ग्रेस पार्टी का नया मणिशंकर अय्यर बताया है। स्वाति के मुताबिक पित्रौदा के मूर्खतापूर्ण बयानों पर मोदी ने छक्का मारा है।

सिख दंगों पर सैम पित्रौदा का ‘हुआ तो हुआ…’ वाला विवादित बयान आने के बाद उनकी चारों ओर से आलोचना हो रही है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी तक ने दिल्ली में चुनाव करीब होने के कारण सैम पित्रोदा से माफ़ी माँगने को कहा है, ताकि इसका खामियाज़ा पार्टी को चुनाव के आगामी चरणों में न भुगतना पड़े।

जिस प्रकार राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के अन्य नेता पित्रोदा के बयान की खुलकर आलोचना कर रहे हैं, वैसे ही इस सूची में कई जाने-माने ‘न्यूट्रल पत्रकारों’ ने भी अपना नाम शामिल कर लिया है जिन्होंने चुनावी माहौल देखते हुए अपने ट्वीट के जरिए सैम पित्रोदा के बयान के विरोध में लेकिन कॉन्ग्रेस के समर्थन में आवाज़ें उठाई हैं।

आजतक के राहुल कंवल ने सैम पित्रौदा के बयान के बाद ट्वीट किया कि कॉन्ग्रेस में किसी व्यक्ति को सैम पित्रौदा से कहने की जरूरत है कि वो टीवी कैमरा से 23 मई तक दूर रहें। राहुल के मुताबिक हर बार सैम जब भी बोलते हैं तो वो कॉन्ग्रेस की विरोधी पार्टियों (अर्थात भाजपा) को फायदा पहुँचा रहे होते हैं।

वहीं प्रसिद्ध पत्रकार सबा नकवी ने बड़ी इज़्ज़त के साथ सैम पित्रौदा के ट्वीट पर सवाल किया कि वह ऐसे समय में (चुनावी माहौल में) इंटरव्यू ही क्यों दे रहे हैं?

आदित्य मेनन नामक पत्रकार ने सैम के ‘गड़बड़ ट्रांस्लेशन’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि वो सार्वजनिक स्थलों पर बोलते ही क्यों हैं? आदित्य मेनन ने कहा कि ‘नो कमेंट’ जैसी भी कोई चीज होती है। क्या वो जानते हैं।

अभिसार शर्मा ने सैम पित्रौदा के इस बयान को आधार बनाकर ट्वीट किया है कि इससे सैम पित्रोदाजी को अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि मिली है।

वहीं शिवम विज नामक जर्नलिस्ट ने सलाह दी कि कॉन्ग्रेस इन चुनावों में ज्यादा सीटों से जीत सकती है अगर सैम पित्रोदा को मीडिया के सामने बोलने से रोक लिया जाए।

स्वाति चतुर्वेदी नामक ट्रोल पत्रकार ने सैम पित्रौदा को कॉन्ग्रेस पार्टी का नया मणिशंकर अय्यर बताया है। स्वाति के मुताबिक पित्रौदा के मूर्खतापूर्ण बयानों पर मोदी ने छक्का मारा है।

हरिंदर बावेजा ने ट्वीट पर कमेंट करते हुए कहा कि सैम पित्रौदा ने जिन (सिख) दंगों पर ‘हुआ तो हुआ’ वाली प्रतिक्रिया दी है, उसकी पीड़ा के साथ आज भी कई विधवा और अनाथ जी रहे हैं और न्याय के लिए लड़ रहे हैं। क्या कॉन्ग्रेस में कोई भी उन्हें चुप नहीं कर सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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