Thursday, June 13, 2024
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मजाक चल रहा है क्या? यहाँ हम इतनी मेहनत कर रहे हैं… सिंधिया के कॉन्ग्रेस छोड़ने से बौखलाई सबा नक़वी

"अरे, हम सब लोग इतना काम करते हैं। हम सभी इतनी मेहनत करते हैं। क्या है ये? हम दिन-रात काम करते हैं, ख़बरों को कवर करते हैं। कोई आ रहा है, कोई जा रहा है। ये सब क्या है? मजाक चल रहा है क्या?"

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कॉन्ग्रेस छोड़ने से पत्रकारों के गिरोह विशेष की होली ख़राब हो गई। सिंधिया ने न सिर्फ़ ख़ुद कॉन्ग्रेस को अलविदा कहा बल्कि अपने साथ 22 विधायकों को भी ले गए। उन्होंने मंगलवार (मार्च 10, 2020) को पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात की। अब भाजपा में शामिल होने की बस औपचारिकता शेष है। सिंधिया के पार्टी छोड़ते ही कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें ‘गद्दार’ बताना शुरू कर दिया और उनके पिता व दादी पर भी निशाना साधा।

इसी क्रम में एक टीवी बहस के दौरान कथित पत्रकार सबा नक़वी भड़क गईं। सिंधिया के फैसले से जितना दुख कॉन्ग्रेस नेताओं को नहीं हुआ, लगता है कि उससे ज्यादा कुछ स्वयंभू पत्रकारों को हुआ है। इसकी एक झलक तब मिली जब ‘सीएनएन न्यूज़ 18’ पर एक बहस के दौरान नकवी ने नाराज़गी जाहिर की। उनकी बातों से ऐसा लग रहा था, जैसे वो पत्रकार न हों और कॉन्ग्रेस की गिरती साख से उनका कोई व्यक्तिगत नुकसान हो रहा हो।

सबा नकवी ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा:

“अरे, हम सब लोग इतना काम करते हैं। हम सभी इतनी मेहनत करते हैं। क्या है ये? हम दिन-रात काम करते हैं, ख़बरों को कवर करते हैं। कोई आ रहा है, कोई जा रहा है। ये सब क्या है? मजाक चल रहा है क्या?”

सबा नकवी ने झल्लाते हुए ये बातें कहीं। उनसे पूछा गया था कि कॉन्ग्रेस पार्टी से ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने को वो किस रूप में देखती हैं। बता दें कि सोशल मीडिया पर नकवी लगातार भाजपा के ख़िलाफ़ ज़हर उगलती रहती हैं। बुधवार की सुबह तो उन्होंने लगातार ट्रोल होने के कारण ट्विटर को ‘बाय’ कह दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कमलनाथ सब ठीक कर देंगे। सबा नकवी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के 26 फ़रवरी को किए गए ट्वीट को कोट करते हुए लिखा कि चीजें पिछले 2 हफ़्तों में बदली हैं। उस ट्वीट में सिंधिया ने भाजपा नेताओं पर घृणा फैलाने का आरोप लगाया था।

सबा नकवी हेमंत विश्व शर्मा को भी याद करना नहीं भूलीं और उन्होंने लिखा कि उनके कॉन्ग्रेस छोड़ने के कारण उत्तर-पूर्व में भाजपा के लिए रास्ते खुल गए। उन्होंने झल्लाते हुए ये भी लिखा कि अब भारतीय राजनीति में विचारधारा के लिए कोई जगह रह ही नहीं गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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