Wednesday, June 29, 2022
Homeरिपोर्टमीडियाद वायर ने बिना अनुमति के इस्तेमाल की तस्वीर, चोरी पकड़े जाने पर माँगी...

द वायर ने बिना अनुमति के इस्तेमाल की तस्वीर, चोरी पकड़े जाने पर माँगी आधी-अधूरी माफी

ट्विटर यूजर ने वायर पर अपने डिस्कशन में बिना उनकी अनुमति के नक्शा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। यह नक्शा लद्दाख सीमा के साथ चीनी और भारतीय सैनिकों की स्थिति के बारे में था। ट्विटर यूजर ने वायर द्वारा उपयोग की गई तस्वीर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि दूसरों की चीज इस्तेमाल करने से पहले उनसे अनुमति ले लेनी चाहिए।

द वायर के फाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन ने मंगलवार (जून 9, 2020) को सोशल मीडिया ट्विटर पर एक आधा अधूरा माफीनामा जारी किया। उन्होंने यह माफीनामा तब जारी किया, जब एक यूजर ने बताया कि कैसे द वायर ने उनके द्वारा बनाए गए नक्शे को हैप्पीमन जैकब और लेफ्टिनेंट जनरल आरएस पनाग (सेवानिवृत्त) के साथ चर्चा के दौरान इस्तेमाल किया।

@KesariDhwaj हैंडल से ट्विटर यूजर ने वायर पर अपने डिस्कशन में बिना उनकी अनुमति के नक्शा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। यह नक्शा लद्दाख सीमा के साथ चीनी और भारतीय सैनिकों की स्थिति के बारे में था। ट्विटर यूजर ने वायर द्वारा उपयोग की गई तस्वीर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि दूसरों की चीज इस्तेमाल करने से पहले उनसे अनुमति ले लेनी चाहिए।

ट्विटर यूजर की शिकायत का संज्ञान लेते हुए, द वायर के फाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन ने अपनी टीम द्वारा की गई गलती के लिए आधी-अधूरी माफी माँगी। उन्होंने अपनी टीम का बचाव करते हुए लिखा कि चूँकि यह तस्वीर पब्लिक डोमेन में था तो उनकी टीम को लगा कि यह पर्याप्त है। हालाँकि, आगे उन्होंने कहा कि उन्हें अनुमति लेनी चाहिए थी।

गौरतलब है कि द वायर का कॉपीराइट सामग्री को चुराने का पुराना इतिहास रहा है, इससे पहले राज्यसभा टीवी ने भी वामपंथी प्रोपेगेंडा वेबसाइट को इस मामले में नोटिस भेजा था। राज्य सभा टीवी (RSTV) ने अपनी कानूनी नोटिस में वायर पर टीवी की कॉपीराइट सामग्री के “अवैध और गैरकानूनी तरीके से चोरी करने या प्राप्त करने और चोरी की संपत्ति का उपयोग करने” का आरोप लगाया था।

द वायर ने 17 सितंबर 2018 को एक लेख प्रकाशित किया था, जिसका शीर्षक था, “RSTV benches anchor for the question about Vajpayee’s role in Quit India Movement’। नोटिस में कहा गया है कि इसमें उन्होंने एक वीडियो क्लिप का इस्तेमाल किया था, जिसमें एंकर एक और अन्य वरिष्ठ पत्रकार अटल बिहारी वाजपेयी के साथ चर्चा कर रहे थे।

नोटिस में कहा गया है कि द वायर ने अपनी लेख में जिस वीडियो क्लिप का इस्तेमाल किया है, वह राज्यसभा टीवी की एक्सक्लूसिव प्रॉपर्टी है और पोर्टल द्वारा इस्तेमाल की गई क्लिप में राज्यसभा टीवी का लोगो भी नहीं है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि द वायर ने इस क्लिप के इस्तेमाल के लिए RSTV से कोई अनुमति नहीं ली थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘इस्लाम ज़िंदाबाद! नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं’: कन्हैया लाल का सिर कलम करने का जश्न मना रहे कट्टरवादी, कह रहे – गुड...

ट्विटर पर एमडी आलमगिर रज्वी मोहम्मद रफीक और अब्दुल जब्बार के समर्थन में लिखता है, "नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं।"

कमलेश तिवारी होते हुए कन्हैया लाल तक पहुँचा हकीकत राय से शुरू हुआ सिलसिला, कातिल ‘मासूम भटके हुए जवान’: जुबैर समर्थकों के पंजों पर...

कन्हैयालाल की हत्या राजस्थान की ये घटना राज्य की कोई पहली घटना भी नहीं है। रामनवमी के शांतिपूर्ण जुलूसों पर इस राज्य में पथराव किए गए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
200,255FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe