Tuesday, July 23, 2024
Homeरिपोर्टमीडियाद वायर ने बिना अनुमति के इस्तेमाल की तस्वीर, चोरी पकड़े जाने पर माँगी...

द वायर ने बिना अनुमति के इस्तेमाल की तस्वीर, चोरी पकड़े जाने पर माँगी आधी-अधूरी माफी

ट्विटर यूजर ने वायर पर अपने डिस्कशन में बिना उनकी अनुमति के नक्शा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। यह नक्शा लद्दाख सीमा के साथ चीनी और भारतीय सैनिकों की स्थिति के बारे में था। ट्विटर यूजर ने वायर द्वारा उपयोग की गई तस्वीर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि दूसरों की चीज इस्तेमाल करने से पहले उनसे अनुमति ले लेनी चाहिए।

द वायर के फाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन ने मंगलवार (जून 9, 2020) को सोशल मीडिया ट्विटर पर एक आधा अधूरा माफीनामा जारी किया। उन्होंने यह माफीनामा तब जारी किया, जब एक यूजर ने बताया कि कैसे द वायर ने उनके द्वारा बनाए गए नक्शे को हैप्पीमन जैकब और लेफ्टिनेंट जनरल आरएस पनाग (सेवानिवृत्त) के साथ चर्चा के दौरान इस्तेमाल किया।

@KesariDhwaj हैंडल से ट्विटर यूजर ने वायर पर अपने डिस्कशन में बिना उनकी अनुमति के नक्शा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। यह नक्शा लद्दाख सीमा के साथ चीनी और भारतीय सैनिकों की स्थिति के बारे में था। ट्विटर यूजर ने वायर द्वारा उपयोग की गई तस्वीर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा कि दूसरों की चीज इस्तेमाल करने से पहले उनसे अनुमति ले लेनी चाहिए।

ट्विटर यूजर की शिकायत का संज्ञान लेते हुए, द वायर के फाउंडर एडिटर सिद्धार्थ वरदराजन ने अपनी टीम द्वारा की गई गलती के लिए आधी-अधूरी माफी माँगी। उन्होंने अपनी टीम का बचाव करते हुए लिखा कि चूँकि यह तस्वीर पब्लिक डोमेन में था तो उनकी टीम को लगा कि यह पर्याप्त है। हालाँकि, आगे उन्होंने कहा कि उन्हें अनुमति लेनी चाहिए थी।

गौरतलब है कि द वायर का कॉपीराइट सामग्री को चुराने का पुराना इतिहास रहा है, इससे पहले राज्यसभा टीवी ने भी वामपंथी प्रोपेगेंडा वेबसाइट को इस मामले में नोटिस भेजा था। राज्य सभा टीवी (RSTV) ने अपनी कानूनी नोटिस में वायर पर टीवी की कॉपीराइट सामग्री के “अवैध और गैरकानूनी तरीके से चोरी करने या प्राप्त करने और चोरी की संपत्ति का उपयोग करने” का आरोप लगाया था।

द वायर ने 17 सितंबर 2018 को एक लेख प्रकाशित किया था, जिसका शीर्षक था, “RSTV benches anchor for the question about Vajpayee’s role in Quit India Movement’। नोटिस में कहा गया है कि इसमें उन्होंने एक वीडियो क्लिप का इस्तेमाल किया था, जिसमें एंकर एक और अन्य वरिष्ठ पत्रकार अटल बिहारी वाजपेयी के साथ चर्चा कर रहे थे।

नोटिस में कहा गया है कि द वायर ने अपनी लेख में जिस वीडियो क्लिप का इस्तेमाल किया है, वह राज्यसभा टीवी की एक्सक्लूसिव प्रॉपर्टी है और पोर्टल द्वारा इस्तेमाल की गई क्लिप में राज्यसभा टीवी का लोगो भी नहीं है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि द वायर ने इस क्लिप के इस्तेमाल के लिए RSTV से कोई अनुमति नहीं ली थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेचुरल फार्मिंग क्या है, बजट में क्यों इसे 1 करोड़ किसानों से जोड़ने का ऐलान: गोबर-गोमूत्र के इस्तेमाल से बढ़ेगी किसानों की आय

प्राकृतिक खेती एक रसायनमुक्त व्यवस्था है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो फसलों, पेड़ों और पशुधन को एकीकृत करती है।

नारी शक्ति को मोदी सरकार ने समर्पित किए ₹3 लाख करोड़: नौकरी कर रहीं महिलाओं और उनके बच्चों के लिए भी रहने की सुविधा,...

बजट में महिलाओं की हिस्सेदारी कार्यबल में बढ़ाने पर काम किया गया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का भी ऐलान हुआ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -