Wednesday, January 27, 2021
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‘आत्मा’ से बात कर के ‘The Wire’ के संस्थापक ने कहा- केजरीवाल को 3% अतिरिक्त वोट मिले

"जब अरविन्द केजरीवाल साक्षात बजरंग बली से बात कर सकते हैं तो एमके वेणु क्या किसी कॉन्ग्रेस नेता की आत्मा से बातचीत नहीं कर सकते? अब आप सोच सकते हैं कि भाजपा के विरोध में लिखने के लिए ये प्रोपेगंडा पोर्टल्स कैसे-कैसे हथकंडे आजमाते हैं।"

प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द वायर’ के संस्थापक संपादक एमके वेणु ने एक ऐसे नेता से बात करने का दावा किया, जो ज़िंदा ही नहीं है। यानी, उन्होंने ‘कॉन्ग्रेस नेता की आत्मा’ से बातचीत कर के दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम का अनुमान लगा दिया और मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की तारीफ में कसीदे पढ़ दिए। इसके बाद एक बार फिर से आम आदमी पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के ‘मीडिया मैनेजमेंट’ की बातें शुरू हो गई है। ख़बरों में तो यहाँ तक कहा गया कि प्रशांत किशोर ने कई मीडिया संस्थानों के साथ हुए बैठक में उन्हें बताया था कि किस ख़बर को कैसे पेश कर के केजरीवाल के पक्ष में माहौल बनाना है।

अब आते हैं एमके वेणु पर। दरअसल, वेणु ने ट्वीट किया कि उन्होंने एक वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता से बात की है, जो दिल्ली के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। उस नेता ने वेणु को बताया कि हालिया दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 3% अतिरिक्त वोट मिले हैं। कारण? बकौल एमके वेणु, ‘वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता व दिल्ली के पूर्व सीएम’ ने बताया कि भाजपा ने AAP के मुखिया अरविन्द केजरीवाल पर ‘दुष्टतापूर्वक’ व्यक्तिगत हमला करते हुए उन्हें आतंकवादी बताया, जिससे आम मतदाता गुस्सा हो गया और उसने आम आदमी पार्टी को वोट दिया।

जिस नेता के हवाले से वेणु ने ये बातें कही, वो कॉन्ग्रेस का है, वरिष्ठ है और दिल्ली का मुख्यमंत्री रह चुका है। अगर इन तीनों को मिला दें तो ऐसा कोई नेता है ही नहीं। शीला दीक्षित 15 वर्षों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं, लेकिन जुलाई 2019 में उनका देहांत हो गया। उससे पहले भाजपा की सुषमा स्वराज, साहिब सिंह वर्मा और मदनलाल खुराना दिल्ली के सीएम रहे, लेकिन इनमें से कोई भी अभी जिन्दा नहीं हैं। कॉन्ग्रेस तो छोड़ दीजिए, फ़िलहाल ऐसा कोई नेता है ही नहीं जो दिल्ली का पूर्व सीएम रहा हो।

लोगों ने एमके वेणु से पूछा कि क्या उन्होंने किसी पूर्व सीएम की आत्मा से बात कर के अरविन्द केजरीवाल की तारीफ कर दी? हालाँकि, ‘द वायर’ इन्हीं कारणों से जाना जाता है। भाजपा के विरोध में हवा बनाने के लिए वो कुछ भी कर सकता है। बाद में एमके वेणु ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से बातचीत की है, पूर्व मुख्यमंत्री से नहीं। वेणु ने कहा कि उन्होंने अजय माकन से बातचीत की। अगर ऐसा था तो उन्होंने पहली ट्वीट में माकन का नाम क्यों नहीं लिया?

इंडिया टीवी के एंकर सुशांत सिन्हा ने वेणु पर तंज कसते हुए कहा कि जब अरविन्द केजरीवाल साक्षात बजरंग बली से बात कर सकते हैं तो एमके वेणु क्या किसी कॉन्ग्रेस नेता की आत्मा से बातचीत नहीं कर सकते? अब आप सोच सकते हैं कि भाजपा के विरोध में लिखने के लिए ये प्रोपेगंडा पोर्टल्स कैसे-कैसे हथकंडे आजमाते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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