Homeरिपोर्टमीडियारूसी विदेश मंत्री का भाषण दिखाने पर YouTube ने भारतीय चैनल को ब्लॉक किया,...

रूसी विदेश मंत्री का भाषण दिखाने पर YouTube ने भारतीय चैनल को ब्लॉक किया, पश्चिमी मीडिया संस्थानों पर कोई कार्रवाई नहीं

यूट्यूब द्वारा लगाए गए बैन के बाद WION नेटवर्क ने लिखा, "रूसी विदेश मंत्री की यही स्पीच कई पश्चिम देशों के मीडिया हॉउस ने चलाई थी। इस पक्षपात पर कोई सफाई ?"

रूस यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के भाषण का एक हिस्सा दिखाने के चलते यूट्यूब ने एक भारतीय न्यूज़ चैनल WION को 7 दिनों के लिए ब्लॉक कर दिया है। इसकी जानकारी खुद WION नेटवर्क ने 25 मार्च (शुक्रवार) को दी है। WION के मुताबिक अगले 7 दिनों तक उस पर अन्य वीडियो अपलोड नहीं किया जा सकता है।

इस वीडियो को WION ने 10 मार्च को पब्लिश किया था। 22 मार्च (मंगलवार) को यूट्यूब ने संदेश भेज कर 7 दिनों के प्रतिबंध की जानकारी दी थी। यूट्यूब ने इसको अपनी गाइडलाइन्स के खिलाफ बताया है। WION ने इस प्रतिबंध के खिलाफ अपील भी की लेकिन उसको भी ख़ारिज कर दिया गया। बैन किए गए यूट्यूब चैनल पर रूसी विदेश मंत्री के अलावा यूक्रेन के विदेश मंत्री दमिर्ती कुलेबा की भी वीडियो LIVE प्रसारण की गई थी।

यूट्यूब द्वारा लगाए गए बैन के बाद WION नेटवर्क ने लिखा, “रूसी विदेश मंत्री की यही स्पीच कई पश्चिम देशों के मीडिया हॉउस ने चलाई थी। इस पक्षपात पर कोई सफाई?” अपने जवाब में यूट्यूब ने लिखा, “किसी भी प्रकार की हिंसक या उकसाने वाले कंटेंट हमारी गाइडलाइंस का उललंघन हैं। रूस का यूक्रेन पर हमला भी उसी प्रकार की हरकत है। हम रूस के यूक्रेन पर हमले को नकारने वाले और यूक्रेन वालों को ‘हमला पीड़ित का नाटक करने वाला’ बताने वाले कंटेंट को हटा रहे हैं।” फिलहाल यूट्यूब उन सभी वीडियो को सेंसर कर रहा है जो रूस के समर्थन में है। इस पक्षपाती प्रतिबंध के खिलाफ यूट्यूब की आलोचना की जा रही है।

यूट्यूब द्वारा दिए गए उत्तर के बाद WION ने लिखा, “यूट्यूब वो प्लेटफॉर्म नहीं है जो एक ही समय में सेंसर और एडिटर दोनों काम करे। इसे घुमाने वाला खेल कहा जाता है। रूस को खामोश करना युद्ध खत्म होना नहीं कहा जाएगा। हमको चुप करा के हमारी पत्रकारिता को नहीं रोका जा सकता। हम चाहते हैं कि लोग सच जानें।”

युद्ध की शुरुआत में ही यूट्यूब ने रूसी मीडिया को अपने प्लेटफॉर्म से पूरे यूरोप में ब्लॉक कर दिया था। इस निर्णय के पीछे यूट्यूब ने कहा, “हम हालत पर करीबी से नजर रखे हुए है। सब कुछ सामान्य होने में थोड़ा समय लगेगा। हमारी टीम इस पर लगातार काम कर रही है और त्वरित निर्णय ले रही हैं।” यूट्यूब को Alphabet Inc’s Google ऑपरेट करती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -