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सिर्फ सरकार पर न हों निर्भर, घर से ही पुरुषों को करें शिक्षित: हैदराबाद गैंगरेप पर संघ प्रमुख की नसीहत

"शासन प्रशासन की ढिलाई अब चल नहीं सकती। लेकिन शासन प्रशासन पर ही सब छोड़कर नहीं चलेगा। जो अपराध करने वाले हैं, उनकी भी माताएँ-बहने हैं तभी तो उनका अस्तित्व है, उनको यह किसी ने सिखाया नहीं। अपने घर से प्रारंभ करना है....."

हैदराबाद गैंगरेप की घटना के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने महिलाओं के प्रति पुरुषों के व्यवहार को लेकर नसीहत देते हुए बड़ा बयान दिया है। भागवत ने अपनी बात में जोर दिया कि पुरुषों को यह समझने और सीखने की ज़रूरत है कि महिलाओं के साथ कैसे पेश आना चाहिए। दिल्ली में आयोजित गीता महोत्सव कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि परिवार से ही इस बात पर ध्यान देना होगा कि महिलाओं से कैसे पेश आना चाहिए। एक रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाती है मगर उसको ढंग से लागू किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के अपने भाषण में संघ प्रमुख बोले, “शासन प्रशासन की ढिलाई अब चल नहीं सकती। लेकिन शासन प्रशासन पर ही सब छोड़कर नहीं चलेगा। जो अपराध करने वाले हैं, उनकी भी माताएँ-बहने हैं तभी तो उनका अस्तित्व है, उनको यह किसी ने सिखाया नहीं। अपने घर से प्रारंभ करना है। पुरुषों की महिलाओं की ओर मातृशक्ति की ओर देखने की दृष्टि शुद्ध होनी चाहिए, यही इन सब बातों को बंद करेगा।”

दिल्ली के लाल किले पर हिन्दुओं के पवित्र ग्रन्थ गीता पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी भी मौजूद रहे। साथ ही इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी, साध्वी ऋतंभरा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। बता दें कि हैदराबाद में हुई दुष्कर्म की वारदात के बाद बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को लेकर देश भर के लोगों में भरी आक्रोश है। देश के आम लोग इस मामले के सभी आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा देने की माँग कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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