Monday, May 25, 2020
होम रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा NIA और UAPA एक्ट में संशोधन: अब 'लोन वुल्फ' आतंकी भी नहीं बचेंगे

NIA और UAPA एक्ट में संशोधन: अब ‘लोन वुल्फ’ आतंकी भी नहीं बचेंगे

ऐसे लोग किसी आतंकी संगठन में तो शामिल नहीं होते थे लेकिन वो सभी काम करते थे जो एक आतंकी संगठन के माध्यम से किया जा सकता है। ऐसे व्यक्तियों को 'लोन वुल्फ' की संज्ञा दी जाती थी। अब उन पर नकेल कसी जा सकेगी।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

केंद्रीय कैबिनेट ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। ताज़ा निर्णय के बाद एनआईए के हाथ और मज़बूत हो जाएँगे। आतंकवाद की रोकथाम के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने 2 क़ानूनों में संशोधन को मंज़ूरी प्रदान कर दी है। कैबिनेट ने ग़ैरक़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे आतंकवादी गतिविधि से जुड़े व्यक्तियों को भी आतंकी घोषित किया जा सकेगा। इसके अलावा एनआईए क़ानून में भी संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। इससे एजेंसी और सशक्त बनेगी। इस संशोधन के बाद से जाँच एजेंसी भारत से बाहर भी अगर भारतीय हितों या नागरिकों को नुक़सान पहुँचता है तो मामला दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।

कोई भी व्यक्ति जो आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होगा, उसे आतंकी घोषित कर प्रतिबंधित किया जा सकेगा। दोनों ताज़ा संशोधनों से जुड़े विधेयक को इसी सत्र में पेश किए जाने की उम्मीद है। मौजूदा समय में सिर्फ़ आतंकी गतिविधियों में संलिप्त संगठनों को ही प्रतिबंधित किया जा सकता है। एनआईए को साइबर अपराध और मानव तस्करी से जुड़े मुद्दे भी देने की बात कही जा रही है। 2008 में हुए मुंबई हमलों के बाद गठित एनआईए को अभी तक सिर्फ़ आतंक सम्बंधित गतिविधियों की जाँच का ही अधिकार प्राप्त हैं। व्यक्तिगत रूप से आतंकी गतिविधियाँ संचालित करने वालों को आतंकी घोषित कर प्रतिबंधित करने का भी अब तक प्रावधान नहीं था।

ऐसे लोग किसी आतंकी संगठन में तो शामिल नहीं होते थे लेकिन वो सभी काम करते थे जो एक आतंकी संगठन के माध्यम से किया जा सकता है। ऐसे व्यक्तियों को ‘लोन वुल्फ’ की संज्ञा दी जाती थी। अब उन पर नकेल कसी जा सकेगी। अब अगर किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित किया जाता है तो उसके साथ वित्तीय लेनदेन करने वालों पर शिकंजा कसना आसान हो जाएगा। इससे आईएसआईएस और अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों से प्रेरित हो कर आतंक का दामन थामने वालों पर कार्रवाई की राह और ज्यादा आसान हो जाएगी। बता दें कि मानव तस्करी और साइबर आतंक ऐसे मामले होते हैं, जिसके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिंक जुड़े होते हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

नए संशोधन के बाद एनआईए को किसी भी राज्य में सर्च के लिए वहाँ के शीर्ष पुलिस अधिकारी की अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। हालाँकि, अभी भी एनआईए को ऐसी कार्रवाई के लिए अनुमति की ज़रूरत नहीं पड़ती लेकिन क़ानून व्यवस्था ख़राब होने की स्थिति में ऐसा करना होता है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र का क़ानून भी व्यक्तियों को आतंकी घोषित करने की अनुमति देता है और यह आशा करता है कि सभी देशों का क़ानून इसके अनुरूप हो। इससे आतंकी घोषित किए गए व्यक्ति की यात्रा और आवागमन पर ज़रूरी नियंत्रण रखा जा सकता है या उसे प्रतिबंधित किया जा सकता है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद जम्मू कश्मीर और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अहम निर्णय लिए जाने की पहले से ही उम्मीद थी। हाल ही में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी कह दिया है कि अगर आतंकी गोली चलाते हैं तो सेना हाथ पर हाथ धरे बैठे नहीं रहेगी। अमित शाह ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था व अन्य मामलों के सम्बन्ध में राज्यपाल के साथ बैठक भी की थी। एनआईए अभी राज्य के अलगावादियों से जुड़े टेरर फंडिंग की जाँच कर रही है, जो अभी निर्णायक मोड़ पर है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

मोदी-योगी को बताया ‘नपुंसक’, स्मृति ईरानी को कहा ‘दोगली’: अलका लाम्बा की गिरफ्तारी की उठी माँग

अलका लाम्बा PM मोदी और CM योगी के मुँह पर थूकने की बात करते हुए उन्हें नपुंसक बता रहीं। उन्होंने स्मृति ईरानी को 'दोगली' तक कहा और...

‘₹60 लाख रिश्वत लिया AAP MLA प्रकाश जारवाल ने’ – टैंकर मालिकों का आरोप, डॉक्टर आत्महत्या में पहले से है आरोपित

AAP विधायक प्रकाश जारवाल ने पानी टैंकर मालिकों से एक महीने में 60 लाख रुपए की रिश्वत ली है। अपनी शिकायत लेकर 20 वाटर टैंकर मालिकों ने...

मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया पर संदेशों के खिलाफ जारी किया आदेश: उद्धव सरकार की आलोचना पर भी अंकुश

असल में यह आदेश परोक्ष रूप से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार की सभी आलोचनाओं पर भी प्रतिबंध लगाता है, क्योंकि......

‘महाराष्ट्र में मजदूरों को एंट्री के लिए लेनी होगी अनुमति’ – राज ठाकरे ने शुरू की हिंदी-मराठी राजनीति

मजदूरों पर राजनीति करते हुए राज ठाकरे ने CM योगी आदित्यनाथ के 'माइग्रेशन कमीशन' के फैसले पर बयान जारी किया। दरअसल वे हिंदी-मराठी के जरिये...

कॉन्ग्रेस का सन्देश है कि जो गाँधी परिवार के खिलाफ बोलेगा उसे प्रताड़ित किया जाएगा: तजिंदर बग्गा

तजिंदर बग्गा ने पूछा कि अगर सिख नरसंहार में राजीव गाँधी का हाथ नहीं होता तो इसमें शामिल लोगों को मंत्रिपद देकर क्यों नवाजा जाता?

उद्धव सरकार की वजह से खाली लौट रही ट्रेनें, देर रात तक जानकारी माँगते रहे पीयूष गोयल, नहीं मिली पैसेंजरों की लिस्ट

“रात के 12 बज चुके हैं और 5 घंटे बाद भी हमारे पास महाराष्ट्र सरकार से कल की 125 ट्रेनों की डिटेल्स और पैसेंजर लिस्टें नही आई है। मैंने अधिकारियों को आदेश दिया है फिर भी प्रतीक्षा करें और तैयारियाँ जारी रखें।"

प्रचलित ख़बरें

गोरखपुर में चौथी के बच्चों ने पढ़ा- पाकिस्तान हमारी प्रिय मातृभूमि है, पढ़ाने वाली हैं शादाब खानम

गोरखपुर के एक स्कूल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप में शादाब खानम ने संज्ञा समझाते-समझाते पाकिस्तान प्रेम का पाठ पढ़ा डाला।

‘न्यूजलॉन्ड्री! तुम पत्रकारिता का सबसे गिरा स्वरुप हो’ कोरोना संक्रमित को फ़ोन कर सुधीर चौधरी के विरोध में कहने को विवश कर रहा NL

जी न्यूज़ के स्टाफ ने खुलासा किया है कि फर्जी ख़बरें चलाने वाले 'न्यूजलॉन्ड्री' के लोग उन्हें लगातार फ़ोन और व्हाट्सऐप पर सुधीर चौधरी के खिलाफ बयान देने के लिए विवश कर रहे हैं।

राजस्थान के ‘सबसे जाँबाज’ SHO विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या: एथलीट से कॉन्ग्रेस MLA बनी कृष्णा पूनिया पर उठी उँगली

विष्णुदत्त विश्नोई दबंग अफसर माने जाते थे। उनके वायरल चैट और सुसाइड नोट के बाद कॉन्ग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया पर सवाल उठ रहे हैं।

रवीश ने 2 दिन में शेयर किए 2 फेक न्यूज! एक के लिए कहा: इसे हिन्दी के लाखों पाठकों तक पहुँचा दें

NDTV के पत्रकार रवीश कुमार ने 2 दिन में फेसबुक पर दो बार फेक न्यूज़ शेयर किया। दोनों ही बार फैक्ट-चेक होने के कारण उनकी पोल खुल गई। फिर भी...

तब भंवरी बनी थी मुसीबत का फंदा, अब विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस में उलझी राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार

जिस अफसर की पोस्टिंग ही पब्लिक डिमांड पर होती रही हो उसकी आत्महत्या पर सवाल उठने लाजिमी हैं। इन सवालों की छाया सीधे गहलोत सरकार पर है।

हमसे जुड़ें

206,924FansLike
60,016FollowersFollow
241,000SubscribersSubscribe
Advertisements