Tuesday, July 27, 2021
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षादेखें 'गलवान के वीरों' की Video: LAC पर चीनी फौजियों को मुँहतोड़ जवाब देने...

देखें ‘गलवान के वीरों’ की Video: LAC पर चीनी फौजियों को मुँहतोड़ जवाब देने के 1 साल बाद भारतीय सेना ने किया जारी

वीडियो में घाटी और पहाड़ी इलाकों के सीन को दिखाया गया है जहाँ भारत की अखंडता को बनाए रखने के लिए सेना के जवान कठिन इलाकों में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इस गाने के जरिए बताया गया है कि कैसे गलवान के वीरों ने अपनी जान देकर भी चीनी फौजियों को भारत की सीमा में घुसने नहीं दिया और उन्हें खदेड़ कर भगा दिया।

गलवान घाटी पर चीनी फौजियों के साथ हुई झड़प के एक साल बीतने पर भारतीय सेना ने एक वीडियो जारी की है। इस वीडियो में जो गाना गया है उसका शीर्षक ‘गलवान के वीर’ है। इसे गाने वाले मशहूर गायक हरिहरन हैं। इस वीडियो का मकसद उन वीरों को श्रद्धांजलि देना है जिन्होंने उस रात झड़प में अपनी जान गँवाई।

वीडियो में घाटी और पहाड़ी इलाकों के सीन को दिखाया गया है जहाँ भारत की अखंडता को बनाए रखने के लिए सेना के जवान कठिन इलाकों में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इस गाने के जरिए बताया गया है कि कैसे गलवान के वीरों ने अपनी जान देकर भी चीनी फौजियों को भारत की सीमा में घुसने नहीं दिया और उन्हें खदेड़ कर भगा दिया।

इस पूरे घटनाक्रम में 20 भारतीय फौजियों ने अपनी वीरगति को प्राप्त हुए थे जबकि रिपोर्ट्स के अनुसार, 43 चीनी फौजियों को इन जाबाँजों ने मौत के घाट उतार दिया था। इस झड़प के बाद आज भी ये मामला सुलझ नहीं पाया है। आज गलवान घाटी में हुए संघर्ष का एक साल पूरा होने पर खुद थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने भी बहादुर सैनिकों को याद करते हुए कहा कि उनका शौर्य और पराक्रम हमेशा देश के दिलो-दिमाग में अंकित रहेगा।

बता दें कि 15 जून को चीनी फौजियों ने भारतीय सैनिकों पर लद्दाख बॉर्डर पर हमला किया था। भारत और चीन के सैनिकों के बीच लद्दाख सीमा पर हुए खूनी हिंसक झड़प में भारत के करीब 76 सैनिकों के घायल होने की भी खबर आई थी। बाद में यह भी मालूम चला था कि गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में डंडे और नुकीली चीजों से लैस चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर हमला किया था।

रिपोर्ट्स में कहा गया था कि चीनी सेना ने पहले से ही अपने पास लाठी-डंडे, रॉड, हॉकी स्टिक, बेसबॉल क्लब, ड्रैगन पंच, पाईप, पत्थर, कीलें, बूट की नोक जमा कर लिया था। और उसी का इस्तेमाल वे हिंसा के दौरान कर रहे थे। वहीं पहाड़ी पॉइंट 14 पर पहले से मौजूद चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों को निशाना बनाते हुए उनके ऊपर बड़े-बड़े पत्थरों को फेक कर भी हमला किया। बिना किसी हथियार के भारतीयों सैनिकों ने उनका डट कर मुकाबला किया। हालाँकि, इस झड़प में कई भारतीय सैनिकों को तो संभलने तक का मौका नहीं मिला था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कारगिल कमेटी’ पर कॉन्ग्रेस की कुण्डली: लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक दृष्टिकोण का न हो मोहताज

हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।

असम-मिजोरम बॉर्डर पर भड़की हिंसा, असम के 6 पुलिसकर्मियों की मौत: हस्तक्षेप के दोनों राज्‍यों के CM ने गृहमंत्री से लगाई गुहार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि असम-मिज़ोरम सीमा पर तनाव में असम पुलिस के 6 जवानों की जान चली गई है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,341FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe