Wednesday, April 21, 2021
Home रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में 63.93% की कमी, पत्थरबाज और आतंकी बनने के चलन...

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में 63.93% की कमी, पत्थरबाज और आतंकी बनने के चलन में भी भारी गिरावट

वर्ष 2019 की तुलना में 63.93 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी अवधि के दौरान सुरक्षा बलों के घायल होने की घटनाओं में 29.11 प्रतिशत और नागरिकों की हताहतों की संख्या में 14.28 प्रतिशत की कमी आई है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने और केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से राज्य विकास की राह पर चल पड़ा है। साथ ही आतंकी घटनाओं और पत्थरबाजी में भी कमी आई है। जम्मू-कश्मीर में पिछले साल आतंकवादी घटनाओं में 63.93 फीसदी की कमी दर्ज की गई। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार (जनवरी 11, 2021) को यह जानकारी दी।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 15 नवंबर, 2020 तक आतंकवादी घटनाओं में भारी कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2019 की तुलना में 63.93 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी अवधि के दौरान सुरक्षा बलों के घायल होने की घटनाओं में 29.11 प्रतिशत और नागरिकों की हताहतों की संख्या में 14.28 प्रतिशत की कमी आई है।

गृह मंत्रालय ने वार्षिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के कानूनों को जम्मू-कश्मीर में लागू किया जाना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित 48 और राज्य से संबंधित 167 कानूनों को लागू करने के लिए आदेश जारी किया। वहीं मंत्रालय ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 44 केंद्रीय कानूनों और 148 राज्य संबंधित कानून के लागू करने के आदेश दिए गए।

अनुच्छेद 370 और 35A के निरस्त होने के बाद गृह मंत्रालय ने कई कानूनों में संशोधन किए तो कई निरस्त कर दिए तो कई नए कानून लागू किए हैं। गृह मंत्रालय ने वार्षिक उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों और राज्य कानूनों को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अपनाना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।

जम्मू-कश्मीर के मामले में 48 केंद्रीय कानूनों और 167 राज्य कानूनों को लागू करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं, लद्दाख में 44 केंद्रीय कानूनों और 148 राज्य कानूनों के लागू करने के आदेश दिए गए. केंद्र सरकार ने 31 मार्च को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम (राज्य कानून का अनुकूलन) आदेश, 2020 जारी कर किया था। यह जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 75 के से जुड़ी कठिनाइयों को दूर करता है।

क्षेत्र में प्रधानमंत्री विकास पैकेज के प्रभावी कार्यान्वयन पर प्रकाश डालते हुए, MHA ने खुलासा किया प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत जम्मू और कश्मीर में छंब से विस्थापित 36,384 विस्थापित परिवारों को प्रति परिवार 5.5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता दी गई। इसी के साथ जम्मू कश्मीर में पश्चिम पाकिस्तान शरणार्थियों (WPR) के 5,764 परिवारों के लिए 5.5 लाख रुपए प्रति परिवार की दर से एक बार की वित्तीय सहायता भी बराबर दी जा रही है।

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में कट्टरपंथियों द्वारा सेना और सुरक्षा बलों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं में साल 2016 से लेकर साल 2020 तक 90% की गिरावट दर्ज की गई। यह जानकारी खुद पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने मीडिया के साथ साझा की थी।

पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया था कि साल 2019 की तुलना में इस साल हुई पत्थरबाजी की घटनाओं में 87.13% की गिरावट हुई है। साल 2019 में, पत्थरबाजी की 1,999 घटनाएँ हुईं थीं, जिनमें से 1,193 बार यह पत्थरबाजी केंद्र सरकार द्वारा साल 2019 के अगस्त माह में जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द करने की घोषणा के बाद हुईं।

पुलिस महानिदेशक के अनुसार, “साल 2019 में हुई पत्थरबाजी की घटनाओं और वर्ष 2020 की तुलना में 87.13% की गिरावट दर्ज की गई। 2020 में 255 बार पत्थरबाजी की घटनाएँ हुई हैं।”

गौरतलब है कि 5 अगस्त, 2019 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में अनुच्छेद 370 और 35A को समाप्त करने की घोषणा की थी, जिसके परिणामस्वरूप जम्मू और कश्मीर राज्य का दो संघ क्षेत्रों में विभाजन हो गया था।

केंद्र सरकार ने पहले कहा था कि उसने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया है और विभिन्न उपायों को अपनाया है। जैसे कि सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना, राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ कानून का सख्त प्रवर्तन, आतंकी संगठनों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए घेरा और तलाशी अभियान।

राज्य में आर्टिकल 370 हटने के बाद से कश्मीरी युवकों के आतंकी संगठन से जुड़ने का प्रतिशत काफी गिरा है। जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म किए जाने के बाद मुख्य रूप से पिछले साल में कश्मीरी युवाओं के आतंकवादी समूहों में शामिल होने में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। आतंकवादी समूहों में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या एक साल पहले 105 थी। मगर इस साल 1 जनवरी और 15 जुलाई के बीच 67 तक गिर गई, जबकि इस अवधि के दौरान आतंकी घटनाएँ भी 188 से घटकर 120 हुई हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

पंजाब के 1650 गाँव से आएँगे 20000 ‘किसान’, दिल्ली पहुँच करेंगे प्रदर्शनः कोरोना की लहर के बीच एक और तमाशा

संयुक्त किसान मोर्चा ने 'फिर दिल्ली चलो' का नारा दिया है। किसान नेताओं ने कहा कि इस बार अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाएँ होंगी।

हम 1 साल में कितने तैयार हुए? सरकारों की नाकामी के बाद आखिर किस अवतार की बाट जोह रहे हम?

मुफ्त वाई-फाई, मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी से आगे लोगों को सोचने लायक ही नहीं छोड़ती समाजवाद। सरकार के भरोसे हाथ बाँध कर...

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,653FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe