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‘CRPF की गोली से कोई मरे तो ठीक, आतंकी की गोली से मरे तो गलत कैसे?’: महबूबा मुफ्ती, सेना ने आतंकियों को घेरा, देखें वीडियो

महबूबा मुफ्ती कहती हैं, ''हम आतंकवादियों की गोलियों से मरने वालों के परिजनों से मिलते हैं। हाल ही में सीआरपीएफ ने एसटी समुदाय के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हम उनके परिवार से मिलने गए, लेकिन उसके घर पर ताला लगा हुआ था।"

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का विवादित बयान सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महबूबा कह रही हैं, ”ये कैसा सिस्टम है इनका। कोई हमारे मुल्क की गोली से मरे तो ठीक, लेकिन आतंकी की गोली से मरे तो गलत कैसे?”

एक सभा को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती कहती हैं, ”हम आतंकवादियों की गोलियों से मरने वालों के परिजनों से मिलते हैं। हाल ही में सीआरपीएफ ने एसटी समुदाय के एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हम उनके परिवार से मिलने गए, लेकिन उसके घर पर ताला लगा हुआ था।”

मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सोमवार (11 अक्टूबर 2021) को आतंकियों ने सेना पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिसमें 5 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए। बताया जा रहा है कि ये सैनिक उस समय बलिदान हुए, जब एक टुकड़ी आतंकवादियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन कर रही थी।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया, ”विश्वसनीय इनपुट के बाद शोपियां में दो ऑपरेशन लॉन्च किए गए। एनकाउंटर तुलरान में चल रहा है। इसमें तीन-चार आतंकी छिपे हुए हैं, जिन्हें सेना के जवानों ने घेर लिया है। यह पिछले 24 घंटों में तीसरा एनकाउंटर है।

भारतीय सेना के व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि सराज सिंह, वैसाख एच, नायब सूबेदार जसविंदर सिंह, नायक मनदीप सिंह बहादुर, गज्जन सिंह शाहदरा थानामंडी, राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में चल रहे ऑपरेशन के दौरान बलिदान हो गए। उनकी शहादत देश कभी नहीं भूलेगा। सेना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, एनकाउंटर से पहले आतंकी एलओसी पार कर चमरेर के जंगल तक पहुँच गए थे। इसके बाद पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया गया।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पिछले हफ्ते आतंकियों ने कई आम नागरिकों को निशाना बनाया था। यहाँ कुछ ही घंटों में कुल सात नागरिकों को आतंकियों ने करीब से गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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