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पुलवामा में आतंकियों को मार बलिदान हुए थे मेजर विभूति ढौंडियाल, अब पत्नी निकिता बनीं लेफ्टिनेंट: देखें वीडियो

बलिदानी मेजर ढौंडियाल को उनकी पत्नी निकिता ने I LOVE YOU कह कर विदाई दी थी। साथ ही पति के सपनों को पूरा करने का वचन भी खुद से लिया था। आज वो सपना आर्मी की ड्रेस में ऑफिसर बन कर पूरा किया।

पुलवामा हमले में बलिदान हुए मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी ने शनिवार (29 मई 2021) को लेफ्टिनेंट निकिता कौल ढौंडियाल के तौर पर आर्मी ज्वॉइन की। साल 2019 में कश्मीर में 55 राष्ट्रीय राइफल्स में पोस्टेड मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल पुलवामा अटैक का बदला लेते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। बलिदान के समय उनकी शादी को केवल 9 महीने ही हुए थे।

मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की मौत के बाद उनकी 27 वर्षीय पत्नी निकिता कौल ढौंडियाल ने हार नहीं मानी। उन्होंने मन बना लिया था कि वो आर्मी में जाएँगी करेंगी और दो साल बाद उन्होंने पूरे जोश के साथ भारतीय सेना को ज्वॉइन कर लिया है।

कौन हैं निकिता कौल ढौंडियाल

निकिता कौल ढौंडियाल ने 2020 में सेना में भर्ती होने के लिए वुमेन इंट्री स्कीम (डब्लूईएस) की परीक्षा दी थी, जिसमें वह उत्तीर्ण हुई थीं। निकिता इससे पहले टाटा कंसल्टेंसी में सेवारत थीं। मेजर की वीरगति के बाद उन्होंने सेना में भर्ती होने की ठानी, ताकि वह अपने पति के अधूरे सपने को साकार कर सकें। उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए जी तोड़ मेहनत की थी। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, अथक मेहनत और मजबूत इरादों के बल पर आखिरकार आज (29 मई 2021) वह सेना की वर्दी में नजर आ ही गईं।

पुलवामा में आतंकी हमला

पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को आतंकी हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इसके बाद 18 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों से साथ पुलवामा में मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए थे और 5 जवान बलिदान हुए थे। बलिदान होने वाले जवानों में मेजर विभूति ढौंडियाल भी थे। इन्हें 19 फरवरी की सुबह देहरादून में अंतिम विदाई दी गई थी। विभूति सेना के 55 आरआर (राष्ट्रीय राइफल) में तैनात थे।

बलिदानी मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की विदाई के वक्त का एक वीडियो उस समय काफी वायरल हुआ था, जिसे देखकर हर देशवासी की आँखे नम हो गई थीं। इसमें निकिता अपने पति के शव के बगल में खड़ी दिखाई दे रही थीं। वो लगातार अपने पति की तरफ देख रही थीं। कुछ देर बाद वो धीरे से अपने पति के शव की तरफ झुकीं और उन्होंने धीरे से I LOVE YOU कहा। इसके बाद उन्होंने कहा था कि वह खुद अपने वीरगति को प्राप्त हुए पति के सपनों को पूरा करेंगी।

मालूम हो कि जब मेजर ढौंडियाल का शव तिरंगे में लपेटकर देहरादून लाया गया था, तब अंतिम दर्शन में उनकी पत्नी निकिता ने सैल्यूट कर अपने पति को अंतिम विदाई दी थी और तभी सेना में सेवा करने का मन बना लिया था।

चेन्नई में अपनी ट्रेनिंग पूरी की

बताया जा रहा है कि पति की मौत के कुछ महीने के बाद ही निकिता ने शार्ट सर्विस कमीशन (SSC) का फार्म भरा और एग्जाम पास कर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड में इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू और एग्जाम क्लियर करने के बाद निकिता ने कमीशन के लिए ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में अपनी ट्रेनिंग पूरी की और अब सेना में शामिल हुई हैं।

2018 में हुई थी निकिता की शादी

बता दें कि पुलवामा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान हुए मेजर की उम्र उस वक्त महज 35 साल ही थी। इनकी शादी साल 2018 में हुई थी। ऐसे में निकिता कौल ने आज सभी के लिए एक नजीर पेश ​की है। उनका यह कदम काबिलेतारीफ है। निकिता के इस फैसले से उनके ससुराल वाले और माता-पिता भी बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि बेटे की शहादत के बाद निकिता ने सेना ज्वॉइन कर हमें गौरवान्वित किया है। वो जरूर अपना और देश का नाम रौशन करेंगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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