Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षामहाराष्ट्र ATS ने जुबैर को गिरफ्तार किया, टेरर फंडिंग का है मामला: दाऊद के...

महाराष्ट्र ATS ने जुबैर को गिरफ्तार किया, टेरर फंडिंग का है मामला: दाऊद के भाई के संपर्क में था

इससे पहले महाराष्ट्र ATS ने जून 2022 में जम्मू-कश्मीर से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के लिए फंड और भर्ती में सक्रिय भूमिका निभाने वाले युसूफ को गिरफ्तार किया था।

महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (Maharashtra ATS) ने टेरर फंडिंग मामले में गुरुवार (4 अगस्त, 2022) को परवेज जुबैर (Parvez Zubair) नाम के संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारी UAPA के तहत की गई है। परवेज डी कम्पनी (D Company) के लिए टेरर फंडिंग करते हुए लगातार दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम के सम्पर्क में था। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, परवेज जुबैर पाकिस्तान के असामाजिक तत्वों के संपर्क में भी था। वह लंबे समय से फरार था। उसे आज अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

इससे पहले महाराष्ट्र ATS ने जून 2022 में जम्मू-कश्मीर से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के लिए फंड और भर्ती में सक्रिय भूमिका निभाने वाले युसूफ को गिरफ्तार किया था। आरोपित ने जुनैद मोहम्मद को फंड ट्रांसफर किया था। इसके बाद आरोपित यूसुफ को पुणे की अदालत में पेश किया गया था।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र एटीएस ने 24 मई 2022 को पुणे से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के लिए काम करने वाले जुनैद मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। जुनैद पर लश्कर के लिए आतंकवादियों की भर्ती करने का आरोप था। वह युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें दहशतगर्दी के रास्ते पर ले जाता था। जुनैद जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों के लगातार संपर्क में था। आरोपित अलग-अलग राज्यों के युवकों को लश्कर में भर्ती करने की कोशिश कर रहा था। जाँच एजेंसी ने उस पर यह भी आरोप लगाया था कि वह आतंकवाद की ट्रेनिंग दिलाने के लिए युवकों को जम्मू-कश्मीर ले जाने की कोशिश कर रहा था।

एटीएस ने जुनैद मोहम्मद समेत चार आरोपितों के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की धाराओं 121 (ए), 153 (ए) और 116 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बाद में एटीएस ने 2 जून को इसी मामले में एक और वांछित संदिग्ध 28 वर्षीय आफताब हुसैन शाह को गिरफ्तार किया था। शाह पर जुनैद मोहम्मद और विदेश में रहने वाले लश्कर के एक ऑपरेटिव के बीच की कड़ी होने का आरोप था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: केवल आसन नहीं, आधुनिक जीवन की बिखरती कड़ियों को जोड़ने का भारतीय सूत्र है योग

योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज और विश्व को जोड़ने वाली भारतीय जीवन पद्धति है। पढ़िए विशेष लेख।

गौ सेवा से वन संरक्षण तक: भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को कानून के सहारे समझने की कोशिश

जन विश्वास अधिनियम में वन भूमि में पशु चराने पर जेल की सजा हटाकर जुर्माने का प्रावधान करुणा, न्याय और भारतीय मूल्यों के अनुरूप है।
- विज्ञापन -