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शाहीन बाग़ इलाके से मिला 3 शव, सिर्फ एक की ही हो सकी है अभी तक पहचान: पुलिस की जाँच जारी

जिन 2 शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, उन्हें शव की पहचान और फिर पोस्टमॉर्टम के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस में सुरक्षित रखवा दिया गया है। इनकी मौत कैसे हुई, इस की भी जाँच अभी जारी है।

नए नागरिकता कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन के नाम पर होती अराजकता के लिए बदनाम हुए दिल्ली के शाहीन बाग क्षेत्र से 3 शव मिलने की खबर से हड़कंप मच गया है। दिल्ली के इस शाहीन बाग़ इलाके में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में 84 दिन से धरना चल रहा है। ये 3 शव इस क्षेत्र के 3 अलग-अलग इलाकों में पाए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि शव मिलने का पहला मामला शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जानकारी में आया। यह शव यमुना नदी के किनारे मिला था, जिसमें मरने वाले की उम्र करीब 35 साल बताई जा रही है। मृतक की पहचान जाँच पड़ताल के बाद अशोक नगर दिल्ली निवासी मदन थापा पुत्र मनवीर थापा के रूप में हुई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

मदन थापा नामक इस व्यक्ति के गायब होने की रिपोर्ट हरि नगर थाने में 3 फरवरी 2020 को दर्ज कराई गई थी। हालाँकि इस शव के ऊपर चोट का कोई निशान नहीं मिला है। वहीं शाहीन बाग क्षेत्र के मदर डेयरी के पीछे वाले नाले के पास स्थित एफ ब्लॉक से एक दूसरा शव दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बरामद हुआ। इसकी शुक्रवार देर रात तक पहचान नहीं हो पाई थी, हालाँकि मृतक की उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है। इस शव को पहचान और फिर पोस्टमॉर्टम के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस में सुरक्षित रखवा दिया गया है। इस व्यक्ति की मौत कैसे हुई इस की भी जाँच अभी जारी है। तीसरा शव भी इसी इलाके में रेलवे लाइन के किनारे मिला बताया जा रहा है।

इसके पहले दिल्ली स्थित शाहीन बाग कल भी चर्चा में रहा जब यहाँ की लाइव तस्वीरों को दिखाने के लिए शुक्रवार को शाहीन बाग पहुँची इंडिया टीवी की दो महिला पत्रकारों को देखते ही वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों में भगदड़ मच गई। जिन्होंने खाली पड़े पंडाल में और ज्यादा भीड़ को एकत्र करने के लिए इमरजेंसी हूटर बजा दिया गया।

इसके बाद तो किसी ने महिला पत्रकार के माइक को थामा तो किसी ने कैमरे के सामने हाथ लगा दिया। और तो और, लाइव कवरेज को रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों ने महिला पत्रकार के कैमरे तक को तोड़ने की कोशिश कर डाली। याद रहे कि देश भर में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन का केंद्र बने शाहीन बाग़ में अब वो रौनक नहीं रह गई है और नाम को ही धरना चल रहा है, इसी वजह से मौके पर खाली पड़े पंडाल को लाइव होते देख प्रदर्शनकारियों में अफरातफरी मच गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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