Monday, April 19, 2021
Home देश-समाज शाहीन बाग़ प्रदर्शन के कारण लगी अरबों की चपत, 250 से ज्यादा दुकानों पर...

शाहीन बाग़ प्रदर्शन के कारण लगी अरबों की चपत, 250 से ज्यादा दुकानों पर लगा ताला: रिपोर्ट्स

"यह लड़ाई सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच की है पर इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि इस विरोध प्रदर्शन को कहीं और शिफ्ट किया जाए।"

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट्स के अनुसार शाहीन बाग़ में नागरिकता कानून और ‘नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप’ (एनआरसी) के खिलाफ जारी धरना प्रदर्शन ने 250 से ज्यादा दुकानों पर ताला जड़ दिया है।

मार्किट संघ के सदस्यों के अनुसार इस तालाबंदी के कारण काम धंधे ठप्प हैं जिससे अधिकतर काम करने वालों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। इस तालाबंदी के कारण 3000 से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित हुए हैं जबकि 150 करोड़ रूपए के बिजनेस का नुकसान उठाना पड़ा है।

बाजार संघ के एक वरिष्ठ सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थों से मिल कर, उन्हें व्यापरियों को हो रहे वित्तीय नुकसान और इसके कारण दुकानदारों और उसके स्टॉफ को होने वाली परेशनियों से अवगत कराने की इच्छा जताई। उसने ख़ास तौर पर मेंशन किया कि इन धरना दे रहे लोगों के साथ हुई बातचीत बेनतीजा ही जा रही।

उनका कहना है, “यह लड़ाई सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच की है पर इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि इस विरोध प्रदर्शन को कहीं और शिफ्ट किया जाए।”

इस विरोध प्रदर्शन के कारण कासिफ नामक इंटीरियर डिजाइनिंग की दुकान चलाने वाले व्यक्ति को अपनी दुकान बंद करनी पड़ी जिस कारण वह न अपनी दुकान का किराया चुका पा रहा न घर का। ऐसी ही कहानी एक कामर्शियल शोरूम के स्टोर मैनेजर शब्बीर अहमद की है जो पहले 20,000 से 25,000 रूपए तक हर महीने कमाता था लेकिन अब पिछले ढ़ाई महीने से घर बैठा हुआ है।

शब्बीर अहमद का कहना है कि यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है और सभी को उसकी बात का सम्मान करते हुए इस प्रोटेस्ट को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए, मैं नागरिकता कानून का विरोध करने वालों के साथ हूँ पर अपनी रोजी-रोटी की कीमत पर नहीं। शब्बीर के अनुसार उसकी स्थिति दिन प्रति दिन अब बद से बदतर होती जा रही है। 

यही कहानी रायबरेली के एक गाँव के रहने वाले हरप्रीत कुमार की है जिसके पिता गाँव में किसानी करते हैं और परिवार के एकलौते कमाने वाले हैं। शाहीन बाग़ प्रोटेस्ट के कारण उसको दिल्ली छोड़ गाँव वापस जाना पड़ा है।

प्रदर्शनकारियों में से एक जिसे इस बात पर दृढ़ विश्वास है कि वह रोड ब्लॉक कर के भारतीय संविधान की रक्षा कर रहा है कहता है कि उसे पता है कि इससे लोगों का रोजगार जा रहा पर 200 लोगों के हितों से ज्यादा महत्त्वपूर्ण 135 करोड़ लोगों के अधिकारों की रक्षा है।

शाहीन बाग़ में धरना के नाम पर अराजकता फैला रहे लोगों के पास बेतुके तर्कों की कमी नहीं है। इसीलिए जब 4 माह का बच्चा सर्दी खाने से मर जाता है तो उसके लिए शहीद का दर्जा मुकर्रर हो जाता है , ‘अल्लाह की बच्ची थी अल्लाह ने बुला लिया’ जैसी मूर्खतापूर्ण बातें कही जाती हैं। इस्लामिक सर्वोच्चता से प्रेरित शाहीन बाग़ का प्रोटेस्ट व्यापार और रोजगारों को होते नुकसान के साथ साथ एक बड़ी आबादी के लिए रोज के अभूतपूर्व ट्रैफिक जाम का भी कारण है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘कुम्भ में जाकर कोरोना+ हो गए CM योगी, CMO की अनुमति के बिना कोविड मरीजों को बेड नहीं’: प्रियंका व अलका के दावों का...

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने CMO की अनुमति के बिना मरीजों को अस्पताल में बेड्स नहीं मिल रहे हैं, अलका लाम्बा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के कोरोना पॉजिटिव होने और कुम्भ को साथ में जोड़ा।

जमातों के निजी हितों से पैदा हुई कोरोना की दूसरी लहर, हम फिर उसी जगह हैं जहाँ से एक साल पहले चले थे

ये स्वीकारना होगा कि इसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब बिहार में चुनाव हो रहे थे। लेकिन तब 'स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर' वालों ने जैसे नियमों से आँखें मूँद ली थी।

मनमोहन सिंह का PM मोदी को पत्रः पुराने मुखौटे में कॉन्ग्रेस की कोरोना पॉलिटिक्स को छिपाने की सोनिया-राहुल की नई कवायद

ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि सोनिया या राहुल के पत्र गंभीरता नहीं जगा पाते। उसके पास किसी भी तरह के पत्र को विश्वसनीय बनाने का एक ही रास्ता है और वह है मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

मोदी सरकार ने चुपके से हटा दी कोरोना वॉरियर्स को मिलने वाली ₹50 लाख की बीमा: लिबरल मीडिया के दावों में कितना दम

दावा किया जा रहा है कि कोरोना की ड्यूटी के दौरान जान गँवाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख की बीमा योजना केंद्र सरकार ने वापस ले ली है।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

जिसने उड़ाया साधु-संतों का मजाक, उस बॉलीवुड डायरेक्टर को पाकिस्तान का FREE टिकट: मिलने के बाद ट्विटर से ‘भागा’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार विवादों में घिरने के बाद उन्होंने...

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,232FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe