Homeराजनीतिअभी संसद का मुँह देखा भी नहीं था कि लटकने लगी गिरफ्तारी की तलवार

अभी संसद का मुँह देखा भी नहीं था कि लटकने लगी गिरफ्तारी की तलवार

कोर्ट ने 8 मई को गिरफ्तारी से छूट का अनुरोध करने वाली याचिका को ठुकरा दी थी। इस याचिका में अतुल राय ने 23 मई तक राहत देने की माँग की थी। इस दौरान न्यायालय ने सुनवाई के दौरान कहा था कि यह रद्द करने वाला मामला नहीं है।

उत्तर प्रदेश की घोसी सीट से सपा-बसपा और रालोद गठबंधन के नव निर्वाचित सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। दुष्कर्म समेत कई अन्य मामलों के आरोपी अतुल राय ने गिरफ्तारी से राहत की माँग करते हुए याचिका दाखिल की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार (मई 27, 2019) को एक बार फिर से खारिज कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, यूपी कॉलेज की एक पूर्व छात्रा ने उन पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया था। छात्रा का आरोप है कि अतुल सिंह ने उसे पत्नी से मिलाने के लिए घर पर बुलाया था और इसके बाद मौके का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। केस पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मैजिस्ट्रेट ने अतुल राय की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। जिसके बाद से ही वो फरार चल रहे हैं।

उनके घर पर पुलिस ने कई बार छापेमारी भी की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। अतुल जमानत के लिए हाई कोर्ट तक गए, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली। अतुल राय के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। हालाँकि चुनाव प्रचार के दौरान वह अपने क्षेत्र में मौजूद नहीं थे, फिर भी उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी से लगभग 1 लाख 22 हजार वोटों से जीत हासिल की।

इससे पहले कोर्ट ने 8 मई को गिरफ्तारी से छूट का अनुरोध करने वाली याचिका को ठुकरा दी थी। इस याचिका में अतुल राय ने 23 मई तक राहत देने की माँग की थी। इस दौरान न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और संजीव खन्ना की अवकाश पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा था कि यह रद्द करने वाला मामला नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि वो चुनाव भी लड़ें और साथ ही मुकदमा भी। जिसके बाद सोमवार (मई 27, 2019) को सुनवाई होनी थी, जहाँ कोर्ट ने फिर से अतुल राय की याचिका दोबारा खारिज कर दी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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