1 महीने की सैलरी देकर नौकरी से निकाला, कपिल सिब्बल वाली तिरंगा TV के ‘कर्मचारियों’ ने लगाई गुहार

कपिल सिब्बल तिरंगा TV में कथित तौर पर मालिकाना हक रखते हैं। साथ में वो वकील भी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि सिब्बल अपने इन कर्मचारियों को मालिक जैसा जवाब देते हैं या वकील बन इनकी समस्या को सुलझाते हैं!

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर खुद को तिरंगा टीवी का कर्मचारी बताने वाले कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्हें चैनल ने बिना किसी स्पष्ट कारण बताए बर्खास्त कर दिया है। इस मुद्दे को लेकर तिरंगा टीवी के ये पूर्व कर्मचारी अपनी बात कपिल सिब्बल तक पहुँचाने के लिए एक ही संदेश को अपने-अपने ट्विटर अकॉउंट से शेयर कर रहे हैं।

इस संदेश में कर्मचारियों ने कपिल सिब्बल से गुहार लगाते हुए लिखा है, “तिरंगा टीवी के हम जैसे कर्मचारियों को बिना किसी स्पष्ट कारण के सिर्फ़ एक महीने की सैलरी देकर बर्खास्त कर दिया गया है। हम आपसे मिलना चाहते हैं, क्योकि प्रबंधन में से कोई भी हमें कुछ नहीं बता रहा है।”

कपिल सिब्बल के लिए लिखे गए इस संदेश में कॉन्ग्रेस, राहुल गाँधी, प्रकाश जावडेकर, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, शेखर गुप्ता और भाजपा को भी टैग किया गया है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

प्रकाश नाम के युवक द्वारा शेयर किए गए इस संदेश को 3 घंटों में 88 लाइक के साथ 105 बार रिट्वीट किया जा चुका है। जबकि सुशील इम्मैनुअल कोटियान नामक पत्रकार के ट्विटर अकाउंट से इस संदेश को 2 घंटे के भीतर 343 लाइक मिले हैं और 301 बार इसे रिट्वीट किया जा चुका है।

कोटियान के ट्वीट पर कुछ लोगों ने उनसे सवाल भी किया है कि आखिर उन्होंने तिरंगा टीवी ज्वॉइन ही क्यों किया था, जिस पर ‘fired employee tiranga tv’ नाम के ट्विटर अकॉउंट ने जवाब देते हुए कहा है कि कपिल सिब्बल ने उन्हें आश्वासन दिया था कि चैनल दो साल के लिए चलेगा, तो वह यहाँ आ गए। लेकिन अब करोड़ों कमाने के बावजूद चैलन उन्हें नियमानुसार तीन महीने की सैलरी देने से मना कर रहा है।

कपिल सिब्बल दरअसल तिरंगा TV में कथित तौर पर मालिकाना हक रखते हैं। साथ में वो वकील भी हैं। और कॉन्ग्रेस के नेता तो खैर हैं ही। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को जब कोई उम्मीद नहीं दिखी तो उन्होंने ‘मालिक’ सिब्बल को ही टैग करके अपनी समस्या से अवगत कराया। देखना दिलचस्प होगा कि सिब्बल अपने इस कर्मचारी को मालिक जैसा जवाब देते हैं या वकील बन इनकी समस्या को सुलझाते हैं!

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

अमित शाह, राज्यसभा
गृहमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष इस वक़्त तक 802 पत्थरबाजी की घटनाएँ हुई थीं लेकिन इस साल ये आँकड़ा उससे कम होकर 544 पर जा पहुँचा है। उन्होंने बताया कि सभी 20,400 स्कूल खुले हैं। उन्होंने कहा कि 50,000 से भी अधिक (99.48%) छात्रों ने 11वीं की परीक्षा दी है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

114,891फैंसलाइक करें
23,419फॉलोवर्सफॉलो करें
122,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: