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माल्या को लंदन कोर्ट से झटका: प्रत्यर्पण के खिलाफ अर्जी खारिज, चुनावी माहौल में BJP को फायदा!

भगौड़े विजय माल्या को लंदन के कोर्ट से एक बड़ा झटका मिला है। लन्दन के उच्च न्यायलय ने प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ दी गई माल्या की अर्जी को खारिज कर दिया है।

भगौड़े विजय माल्या को लंदन के कोर्ट से एक बड़ा झटका मिला है। लन्दन के उच्च न्यायलय ने सोमवार (अप्रैल 8, 2019) को प्रत्यर्पण के ख़िलाफ़ दी गई माल्या की अर्जी को खारिज कर दिया है।

माल्या की ओर से इस याचिका को 5 अप्रैल को दाखिल किया गया था। लिखित अपील को कोर्ट के खारिज करने के बाद माल्या को मौखिक कार्रवाई के लिए आधा घंटे का मौका दिया जाएगा। बता दें कि विजय माल्या ने ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जाविद के उस निर्णय के खिलाफ याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने माल्या को भारत प्रत्यर्पित करने की इज़ाजत दे दी थी।

गौरतलब है वेस्टमिंस्टर की मजिस्ट्रेट अदालत ने 9 दिसंबर 2018 को 62 वर्षीय माल्या के भारत में प्रत्यर्पण का आदेश दिया था जिसके बाद पाकिस्तान मूल के मंत्री जाविद को यह मामला भेजा गया। उन्हें मामला भेजने के दो महीने के भीतर इसपर फैसला लेना था। फरवरी में यूके के गृह मंत्रालय ने घोषणा की कि जाविद ने माल्या के प्रत्यर्पण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

ब्रिटिश कोर्ट के प्रत्यर्पण वाले आदेश के बाद माल्या भारत के बैंकों से लिए ऋण का मूल धन वापस करने की पेशकश भी कई बार कर चुके हैं। खुद को बचाने के लिए कहा है कि वो उधार ली हुई मूल राशि का 100 प्रतिशत लौटाने को तैयार हैं। माल्या द्वारा दी याचिका को खारिज करने के बाद माना जा रहा है कि उनका प्रत्यर्पण जल्दी ही भारत हो सकता है।

₹9000 करोड़ से ज्यादा का ऋण न चुकाने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भारतीय एजेंसियाँ काफ़ी लंबे समय समय से इंतजार कर रहीं हैं। बैंक का पैसा लेकर विदेश भागे माल्या को PMLA कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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