Thursday, January 28, 2021
Home विविध विषय अन्य लोकसभा चुनाव 2019 में सभी EVM के साथ VVPAT, जानिए क्या है यह और...

लोकसभा चुनाव 2019 में सभी EVM के साथ VVPAT, जानिए क्या है यह और कैसे करता है काम?

ईवीएम से वीवीपैट को जोड़ने के बाद अगर कोई मतदाता वोट डालता है तो उसके तुरंत बाद एक पर्ची निकलती है, जिसमें जिस उम्मीदवार को मत दिया गया है, उसका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में...

चुनाव आयोग ने आगामी लोकसभा चुनाव में सभी ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के साथ वीवीपैट (Voter verifiable paper audit trail) जोड़ने की घोषणा की है। ऐसा राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम के ख़िलाफ़ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों और उसे कटघरे में खड़ा करने के प्रयासों के कारण किया गया है। कई राजनीतिक दलों की माँग है कि वापस बैलेट पेपर से चुनाव होने चाहिए। वैसे बैलेट पेपर के दिनों में बूथ लूट की घटनाएँ किसी से छिपी नहीं हैं। जब पूरी दुनिया आधुनिकता की तरफ़ बढ़ रही है, भारतीय विपक्षी दल भूतकाल में लौटने की बातें कर रहे हैं।

वीवीपैट की वर्किंग समझें (साभार: ECI)

इंग्लैंड और अमेरिका का उदाहरण देने वाले ये नेता उन देशों और भारत के बीच के जनसंख्या गैप को भी काफ़ी आसानी से नज़रअंदाज़ कर देते हैं। कभी अमेरिका में कोई नकाबपोश कथित ख़ुलासे करता है तो कभी ब्लूटूथ से ईवीएम ‘हैक’ होने लगता है। अब जब चुनाव आयोग ने वीवीपैट (VVPAT) लाने की घोषणा की है, तो आइए जानते हैं कि ये क्या है और किस तरह कार्य करता है।

क्या है VVPAT?

वीवीपैट भी एक तरह की मशीन ही होती है जिसे ईवीएम के साथ जोड़ा जाता है। ईवीएम से वीवीपैट को जोड़ने के बाद अगर कोई मतदाता वोट डालता है तो उसके तुरंत बाद एक पर्ची निकलती है, जिसमें जिस उम्मीदवार को मत दिया गया है, उसका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में ईवीएम में डाले गए वोट और पर्ची का मिलान कर यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि वोट उस उम्मीदवार को गया है या नहीं, जिसपर बटन दबाया गया हो। ईवीएम में लगे शीशे के एक स्क्रीन पर यह पर्ची 7 सेकेंड तक दिखाई देती है।वीवीपैट को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने डिज़ाइन किया है। 2013 में डिज़ाइन की गई इस व्यवस्था का प्रथम प्रयोग उसी साल हुए नागालैंड के चुनावों में किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश देते हुए वीवीपैट मशीन बनाने और इसके लिए वित्त की व्यवस्था करने को कहा था। चुनाव आयोग ने जून 2014 में ही तय कर लिया था कि आगामी लोकसभा चुनाव में वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए केंद्र सरकार से 3174 करोड़ रुपए की माँग की थी। बीईएल ने वर्ष 2016 में 33,500 वीवीपैट मशीनों का निर्माण किया था। 2017 के गोवा के चुनावों में इसका इस्तेमाल किया जा चुका है। 2018 में हुए पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी 52,000 वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया गया था।

चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से वीवीपैट के लिए वित्त मुहैया कराने की बात कही थी

यह भी आपके जानने लायक है कि वीवीपैट में जिस प्रिंटर का इस्तेमाल किया जाता है, वह भी काफ़ी उत्तम क्वॉलिटी का होता है। इस पर्ची पर जिस स्याही का इस्तेमाल होता है, वो जल्दी नहीं मिटती। इतना ही नहीं, इस प्रिंटर में एक ऐसा सेंसर भी लगा होता है, जो ख़राब प्रिंटिंग को तुरंत चिह्नित कर लेता है। ईवीएम को लेकर विपक्षी राजनीतिक पार्टियों द्वारा कई प्रकार के अफवाह फैलाए जाते रहे हैं। ईवीएम को हैक करने की ख़बरों के बीच एक चुनाव अधिकारी ने बताया:

ईवीएम एक चिप आधारित मशीन है, जिसे केवल एक बार प्रोग्राम किया जा सकता है। उसी प्रोग्राम से तमाम डेटा को स्टोर किया जा सकता है लेकिन इन डेटा की कहीं से किसी तरह की कनेक्टिविटी नहीं है लिहाजा, ईवीएम में किसी तरह की हैकिंग या रीप्रोग्रामिंग मुमकिन ही नहीं है। इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित है।”

अप्रैल 2017 में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया था कि अगस्त 2018 तक 16 लाख 15 हजार वीवीपीएटी मशीनों की ख़रीद की जाएगी। सबसे बड़ी बात कि वीवीपैट की पर्ची में मतदाता को उसके द्वारा वोट किए गए प्रत्याशी के नाम और उसके चुनाव चिह्न उसी भाषा में दिखाई देते हैं, जो मतदाता चुनता है, बशर्ते की वह भाषा सूचीबद्ध हो। वैसे अब वीवीपैट को लेकर भी नया विवाद खड़ा हो जाए, इस सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता। क्या गारंटी है कि ईवीएम जैसी सुरक्षित और विश्वसनीय मशीन को लेकर राजनीति चमकाने वाले नेता वीवीपैट को सवालों के घेरे में खड़ा नहीं करेंगे?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गेहूँ काटते किसान को फोटो एडिट कर दिखाया बैरिकेड पर, शर्म करो गोदी मीडिया!

एक पुलिसकर्मी शरबत पिलाने और लंगर खिलाने के बाद 'अन्नदाताओं' को धन्यवाद दे रहा है। लेकिन गोदी मीडिया ने उन्हें दंगाई बता दिया।

श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की ओर से दान किए ₹1 करोड़, 1 लाख

योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की ओर से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़, 1 लाख रुपए अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि निर्माण निधि समर्पण के रूप में दान किए।

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

प्रचलित ख़बरें

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

अब पूरे देश में ‘किसान’ करेंगे विरोध प्रदर्शन, हिंसा के लिए माँगी ‘माफी’… लेकिन अगला निशाना संसद को बताया

दिल्ली में हुई हिंसा पर किसान नेता 'गलती' मान रहे लेकिन बेशर्मी से बचाव भी कर रहे और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की बातें कर रहे।

26 जनवरी 1990: संविधान की रोशनी में डूब गया इस्लामिक आतंकवाद, भारत को जीतना ही था

19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
- विज्ञापन -

 

16 साल की लड़की का ‘रेप’, शादी का ऑफर और निकाहशुदा अपराधी को बेल क्योंकि उसके मजहब में…

25 वर्षीय निकाहशुदा आरोपित की रिहाई की माँग करते हुए उसके वकील ने अदालत के सामने कहा, "आरोपित के मज़हब में एक से ज़्यादा निकाह..."

गेहूँ काटते किसान को फोटो एडिट कर दिखाया बैरिकेड पर, शर्म करो गोदी मीडिया!

एक पुलिसकर्मी शरबत पिलाने और लंगर खिलाने के बाद 'अन्नदाताओं' को धन्यवाद दे रहा है। लेकिन गोदी मीडिया ने उन्हें दंगाई बता दिया।

मुंबई कर्नाटक का हिस्सा, महाराष्ट्र से काट कर केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाए: गरमाई मराठी-कन्नड़ राजनीति

"मुंबई कर्नाटक का हिस्सा है। कर्नाटक के लोगों का मानना है कि मुंबई लंबे समय तक कर्नाटक में रही है, इसलिए मुंबई पर उनका अधिकार है।"

श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की ओर से दान किए ₹1 करोड़, 1 लाख

योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की ओर से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़, 1 लाख रुपए अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि निर्माण निधि समर्पण के रूप में दान किए।

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

किसान नहीं बल्कि पुलिस हुई थी हिंसक: दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस को ही ठहराया दंगों का दोषी

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में किसान उग्र नहीं हुए थे बल्कि दिल्ली पुलिस उग्र हुई थी।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe