MP: महिलाओं को पेड़ से बाँध कर पीटा, कपड़े फाड़े, गुप्तांगों पर मारी लात, Video बनाते रहे लोग

जब आचार संहिता लगी हुई है और चुनाव के कारण क़ानून व्यवस्था और तगड़ा किए जाने की बातें कही जा रही हैं, इस तरह से महिलाओं व निर्दोष व्यक्ति के साथ अत्याचार का मामला सामने आना मध्य प्रदेश पुलिस और प्रशासन की पोल खोलता है।

मध्य प्रदेश में क़ानून व्यवथा तार-तार होती नज़र आ रही है। यहाँ के एक गाँव में एक व्यक्ति को उसकी कथित ग़लती के लिए ‘सज़ा’ दी गई। न सिर्फ़ उस व्यक्ति के साथ ज्यादतियाँ की गई, बल्कि उसकी दोनों बहनों (एक नाबालिग) को भी सरेआम बेइज्जत किया गया और उनकी पिटाई की गई। मामला मध्य प्रदेश के धार ज़िले में स्थित अर्जुन कॉलोनी का है। दरअसल, मुकेश की पत्नी ने उसे छोड़ दिया था और रवि नामक दूसरे युवक के साथ शादी रचा ली थी। वह रवि के साथ भाग भी गई थी। इसी बात पर गुस्साए मुकेश ने अपनी पत्नी के वर्तमान पति रवि को समझौता करने के लिए बुलाया। असल में, मुकेश और उसके परिजनों ने रवि को झाँसा देकर धोखे से बुलाया था।

रवि के साथ धार निवासी उसके दोस्त और उन दोस्तों की पत्नियाँ भी आई थीं। आरोपित ने पहले तो रवि को एक पेड़ से बाँध दिया और फिर उसके साथ आए उसके दोस्त की पत्नियों को भी रस्सियों से पेड़ से बाँध दिया। इसके बाद महिलाओं की डंडे से पिटाई की गई और उन पर पत्थर से वार किया गया। महिलाओं व रवि को पीटने के लिए रस्सियों का भी प्रयोग किया गया। जब रवि और दोनों महिलाओं की पिटाई हो रही थी, तब पूरा मोहल्ला खड़े होकर तमाशा देख रहा था। इतना ही नहीं, तमाशबीन इस वारदात की वीडियो भी बना रहे थे। बाद में सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने जैसे-तैसे मामले को शांत कराया।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि आरोपितों ने पुलिस के पहुँचने के बाद भी पीड़ितों को पीटना नहीं छोड़ा। पुलिस से बेख़ौफ़ आरोपित उनके सामने ही महिलाओं और रवि को पीटते रहे। पुलिस ने मशक्कत कर पीड़ितों को आरोपितों के चंगुल से छुड़ाया। मामले में 9 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें 3 महिलाएँ भी शामिल हैं। तीनों आरोपित महिलाओं को गिरफ़्तार कर लिया गया है। कुल मिलकर पाँच आरोपितों को पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किया जा चुका है। चार आरोपित अभी भी फरार हैं। पिटाई के समय कुछ लोग और बच्चे हँसते हुए भी दिख रहे हैं।

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अभी जब आचार संहिता लगी हुई है और चुनाव के कारण क़ानून व्यवस्था और तगड़ा किए जाने की बातें कही जा रही हैं, इस तरह से महिलाओं व निर्दोष व्यक्ति के साथ अत्याचार का मामला सामने आना मध्य प्रदेश पुलिस और प्रशासन की पोल खोलता है। कमल नाथ सरकार के आने के बाद से ऐसे कई आपराधिक मामले सामने आ चुके हैं, जहाँ अपराधी पुलिस से बेख़ौफ़ नज़र आते हैं। महिलाओं की इतनी निर्मम तरीके से पिटाई की गई कि वो काफी चीख-चिल्ला रही थी। स्थानीय अख़बारों के मुताबिक़, महिलाओं के गुप्तांगों पर लात मारी गई और उनके कपड़े फाड़ डाले गए।

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