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‘यही होता है जब कारसेवकों पर गोली चलाने वाले हिंदू होने का ढोंग करते हैं’: महानवमी पर अखिलेश यादव ने दी रामनवमी की बधाई, हुए ट्रोल

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने लिखा, "जिन लोगों ने श्री राम भक्तों पर गोली चलाई थी …आज चुनावी डर से प्रभु श्री राम उनके सपनो में भी आने लगे हैं …आज वो राम नवमी की बधाई दे रहे हैं ..बधाई हो .."

आज रामनवमी है या महानवमी? आप सोच रहे होंगे कि हम यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं। दरअसल, ट्विटर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉन्ग्रेस नेता आनंद शर्मा के ट्वीट को लेकर बवाल मचा हुआ है। इन दोनों नेताओं ने आज ‘महानवमी’ पर लोगों को ‘रामनवमी’ की बधाई दे दी। हालाँकि, दोनों ने अपना ट्वीट हटा लिया है।

दरअसल, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज ट्वीट करके कहा, “आपको और आपके परिवार को रामनवमी की अनंत मंगलकामनाएँ!” अखिलेश ने जैसे ही ट्वीट किया, वैसे ही लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद अखिलेश ने ट्वीट को हटाकर नया ट्वीट किया- “आपको और आपके परिवार को महानवमी की अनंत मंगलकामनाएँ!”

बीजेपी ने अखिलेश पर कसा तंज

अखिलेश यादव के ट्वीट पर उत्तर प्रदेश बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। यूपी बीजेपी के हैंडल से ट्वीट किया गया, “जिस अखिलेश यादव को यह तक नहीं पता कि रामनवमी और महानवमी में क्या अंतर है, वो ‘राम’ और ‘परशुराम’ की बात करते हैं… जनता को मत पहनाइए ‘टोपी’, वह आप पर ज्यादा अच्छी लगती है…।”

उत्तर प्रदेश बीजेपी ने एक और ट्वीट किया, “गुमशुदा की तलाश… नाम:- अखिलेश यादव, संसदीय क्षेत्र:- आजमगढ़, नोट:- आज ही इन्हें ट्विटर पर ‘रामनवमी’ की शुभकामनाएँ देते पाया गया था। कोई जानकारी मिलने पर…”

वहीं, बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा, “रामनवमी का पर्व चैत्र मास में मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रों में महानवमी होती है, जो माँ दुर्गा की आराधना का दिन है। इसके बाद दशहरा, यानी जिस दिन भगवान राम रावण का वध करते हैं, आता है। यही होता है जब कार सेवकों पर गोली चलाने वाले, चुनाव आते ही हिंदू बनने का ढोंग करने लगते हैं।”

बीजेपी नेता संबित पात्रा ने लिखा, “जिन लोगों ने श्री राम भक्तों पर गोली चलाई थी …आज चुनावी डर से प्रभु श्री राम उनके सपनो में भी आने लगे हैं …आज वो राम नवमी की बधाई दे रहे हैं ..बधाई हो ..”

यूजर्स ने भी लिए मजे

अखिलेश यादव के ट्वीट डिलीट करने के बाद भी यूजर्स उनके पुराने पोस्ट का स्क्रीनशॉट उनके कमेंट में ही भेजते रहे और उनके मजे लेते रहे। एक यूजर ने लिखा, “पहिलका काहे मिटा दिए सुल्तान..!”

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “वोट बैंक के खातिर मंदिरों के चक्कर लगाने की जगह हिंदू धर्म और रीति रिवाजों के बारे में अच्छे से जानकारी हासिल की होती तो शायद ऐसी गलती न करते अखिलेश यादव जी…”

योगेंद्र प्रताप ने लिखा, “पार्ट टाइम हिंदू होने का यही परिणाम है। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव जी को रामनवमी और महानवमी का अंतर तक पता नहीं? महानवमी के दिन रामनवमी की बधाई दे रहे हैं। अखिलेश जी,आप जालीदार टोपी ही लगाइए। वहीं आप पर सूट करती है। सनातन धर्म और इसके रीति-रिवाजों से भला आपको क्या मतलब।”

आचार्य शिव किशोर लिखते हैं, “अखिलेश यादव कैसे हिंदू हैं? उनके यहाँ दो दो नवमी हैं, आज ही रामनवमी है आज महानवमी है। आज के ट्वीट देखिए इनके और लोग कहते हैं कि आस्ट्रेलिया में पढ़कर आए हैं।”

एक यूजर ने लिखा, “नकली चुनावी हिंदू बनने के नुकसान। नमाजी अखिलेश यादव को ये तक नहीं पता कि रामनवमी चैत्र मास की नवरात्रि में होती है। आज महानवमी है। कितना ही हिंदू बनो पर “यूपी में आएगा तो योगी ही।”

आनंद शर्मा ने भी हटाया ट्वीट

आनंद शर्मा के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अखिलेश यादव ने रामनवमी की मंगलकामनाएँ वाला ट्वीट हटा लिया था, लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता आनंद शर्मा ने काफी समय तक अपना ट्वीट नहीं हटाया था। आनंद शर्मा ने ट्वीट किया था, “रामनवमी के शुभअवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।” ट्रोल होने के बाद आनंद शर्मा ने भी अपनी गलती सुधार ली है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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