हिन्दू-विरोधी अमेरिकन प्रोफेसर ने राणा अयूब को बताया ISI की कठपुतली, फिर डिलीट किए ट्वीट्स

क्रिस्टीन ने भगवान राम पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें 'shmuck' तक कहा था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राणा अयूब की पुस्तक 'गुजरात फाइल्स' को नकारते हुए कहा था कि यह अनुमानों और कल्पनाओं से भरा पड़ा है। राणा अयूब अक्सर संघ, भाजपा और उनके समर्थकों को निशाने पर लेती रहती हैं। अमित शाह के केंद्रीय गृहमंत्री बनने के बाद राणा अयूब काफ़ी खफा नज़र आई थीं।

अमेरिका की हिन्दू-विरोधी राजनीतिक विशेषज्ञ क्रिस्टीन फेयर ने ट्विटर पर भारतीय प्रोपेगंडाबज पत्रकार राणा अयूब को जम कर लताड़ा लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि अयूब भी उन्हीं की तरह हिन्दू-विरोधी है, क्रिस्टीन ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया। यह सब नीचे स्क्रीनशॉट के रूप में संलग्न किए गए इस ट्वीट से शुरू हुआ जब राणा अयूब द्वारा ईद की मुबारकबाद देने पर क्रिस्टीन भड़क गईं।

राणा अयूब को लताड़ने के बाद क्रिस्टीन ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया

क्रिस्टीन ने राणा अयूब को लताड़ते हुए लिखा:

“तुम बलूचिस्तान के नागरिकों, पश्तून और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के नागरिकों के लिए ख़ास दुआ क्यों नहीं कर रही हो? पाकिस्तानियों द्वारा इन सब पर अत्याचार किया जा रहा है। तुम्हारी फौज (पाकिस्तानी) और आईएसआई द्वारा तालिबान के आतंकियों का इस्तेमाल कर अफ़ग़ानों का नरसंहार कराया जा रहा है। “

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इसके बाद किसी ट्विटर यूजर ने क्रिस्टीन को याद दिलाया कि अयूब तो भारतीय है। क्रिस्टीन ने जवाब दिया कि उन्हें पता है कि अयूब भारतीय हैं। लेकिन, उन्होंने आरोप लगाया कि राणा अयूब भारतीय होने के बावजूद पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई की कठपुतली की तरह व्यवहार करती हैं।

क्रिस्टीन ने लिखा ‘मुझे पता हैं कि राणा अयूब भारतीय हैं लेकिन वह ISI की कठपुतली की तरह कार्य करती हैं’

बाद में जब क्रिस्टीन को एहसास हुआ कि राणा अयूब भी उन्हीं की तरह हिन्दू विरोधी हैं तो उन्होंने माफ़ी माँगते हुए ट्वीट्स डिलीट कर लिया। लेकिन, साथ ही उन्होंने राणा अयूब की पत्रकारिता पर सवाल भी खड़े किए। क्रिस्टीन अक्सर ‘गाय’ और ‘गोशाला’ का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी और हिन्दुओं पर निशाना साधती रहती हैं। उन्होंने बताया था कि वह गोमूत्र पीने वालों से घृणा करती हैं।

क्रिस्टीन ने भगवान राम पर विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘shmuck’ तक कहा था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राणा अयूब की पुस्तक ‘गुजरात फाइल्स’ को नकारते हुए कहा था कि यह अनुमानों और कल्पनाओं से भरा पड़ा है। राणा अयूब अक्सर संघ, भाजपा और उनके समर्थकों को निशाने पर लेती रहती हैं। अमित शाह के केंद्रीय गृहमंत्री बनने के बाद राणा अयूब काफ़ी खफा नज़र आई थीं।

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