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‘अगर मंदिर बना तो याद रखना… हिंदुओं को चुन-चुन कर मारूँगा’ – बच्चे ने दी धमकी, Video Viral

"हमारी जिम्मेदारी है कि हम अल्लाह का नाम पूरे विश्व में फैलाएँ। हम पैदा हुए हैं, ताकि लोगों को मुस्लिम बनाएँ। हम अल्लाह की राह पर चलने के लिए पैदा हुए हैं।"

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जब से हिंदू मंदिर बनने का ऐलान हुआ है तभी से यह विषय चर्चा में है। कट्टरपंथी किसी कीमत पर नहीं चाहते कि इस्लामाबाद में कोई हिंदू मंदिर बने। इसे लेकर वह तरह-तरह के हथकंडे आजमा रहे हैं।

अभी हाल में वहाँ सरकार के इस फैसले के ख़िलाफ़ फतवा जारी किया गया था। बाद में खबर आई थी कि मंदिर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पाकिस्तानी युवक की वीडियो वायरल हुई है। वीडियो में हम देख सकते हैं कि युवक अपने दो बच्चों के साथ नजर आ रहा है और इस्लामाबाद में हिंदू मंदिर बनने पर संदेश के नाम पर खुली धमकी दिलवा रहा है।

वीडियो में सबसे पहले युवक कहता है, “अस्सलाम वालेकुम! कैसे हो? खैरियत से हो? ये मेरे बेटे कुछ पैगाम देना चाहते हैं।” इसके बाद वो अपने बेटे की ओर कैमरा घुमा देता है। बेटा देखने में सिर्फ़ 4-5 साल का लगता है।

लेकिन वीडियो में तुतलाती आवाज में हिंदुओं को धमकी देते हुए कहता है, “खान साहब! अगर इस्लामाबाद में मंदिर बना तो ये याद रखना मैं उन हिंदुओं को चुन-चुनकर मारूँगा। समझ गए? अल्लाह हाफिज।”

बेटे के इस संदेश पर बहुत गर्व के साथ ‘हाँ’ भरते हुए युवक अपनी ओर कैमरा घुमाता है। साथ ही बेशर्मी के साथ कहता है, “देख लो भई आगे तुम्हारी मर्जी है।”

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तारेक फतेह ने भी शेयर किया है। वीडियो को साझा करते हुए उन्होंने बच्चे की बात पर पिता की आँखों में दिखने वाले गर्व की ओर लोगों को गौर करवाया है। साथ ही बच्चों के मन में हिंदुओं के प्रति ऐसी घृणा भरे जाने पर हैरानी जताई है।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहुत अलग अलग प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। एक ओर इस वीडियो को शेयर कर-करके ये सवाल किया जा रहा है कि क्या पाकिस्तानी वाकई अपने बच्चों को यही सिखाते हैं। जैसे इस वीडियो में युवक अपने बच्चों को सिखा रहा है?

तो वहीं, सकलैन शाह जैसे लोगों का इस पर कहना है, “हम पश्चिम में मुस्लिमों के साथ उचित बर्ताव की अपेक्षा करते हैं। मगर इसाइयों को पड़ोस में घर खरीदने पर मारने लगते हैं। हम बर्लिन में मस्जिद चाहते हैं। लेकिन हम हिंदुओं को इस्लामाबाद में हिंदू मंदिर नहीं दे सकते। हम केवल अज्ञानी पाखंडी हैं।”

लेकिन, सकलैन के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देने वाले अहमद जैसे लोगों का इसी वीडियो पर यह कहना है कि वो लोग दुनिया भर में इस्लामी झंडा बुलंद करने के लिए है। न कि अपने घरों में बुत स्थापित करने के लिए।

अहमद लिखता है, “हमारी जिम्मेदारी है कि हम अल्लाह का नाम पूरे विश्व में फैलाएँ। हम पैदा हुए हैं। ताकि लोगों को मुस्लिम बनाएँ। हम अल्लाह की राह पर चलने के लिए पैदा हुए हैं।”

ऐसे ही डॉ ताहिर का मानना है कि ऐसी चीजों के लिए हर मुस्लिम पर इल्जाम लगाना ठीक नहीं है। क्योंकि राज्य में बहुत गिने-चुने ऐसे वाकये होते हैं। डॉ ताहिर के अनुसार, गैर मुस्लिम अपना धर्म मानने के लिए पूरी तरह से आजाद हैं। लेकिन इस्लामाबाद में मंदिर बनाना मुस्लिमों के मजहब की तौहीद है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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