बेड, बॉडीगार्ड और कुर्सी… प्रियंका गाँधी ने जब नेहरू को ऐसे किया याद तो ट्विटर पर पूछे गए सवाल

नैतिक पतन के इस युग में चाचा नेहरू की भलमनसाहत भला ट्विटर वालों को हजम कैसे होती? अतः ट्विटर पर दुष्ट लोगों ने प्रियंका गाँधी से ऐसे सवाल पूछने शुरू कर दिए, जिनकी जितनी कड़ी निंदा की जाए कम है!

अपने परनाना और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री “चाचा नेहरू” के जन्मदिन पर कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने ट्विटर पर एक कहानी शेयर की। उसमें बताया कि एक रात नेहरू अपने कमरे में आए और उन्होंने अपने अंगरक्षक को अपने कमरे में अपने बिस्तर पर सोते हुए पाया। ऐसा देखकर नेहरू ने उसे कंबल ओढ़ा दिया और खुद रात भर एक कुर्सी पर सोए।

लेकिन नैतिक पतन के इस युग में चाचा नेहरू की भलमनसाहत भला ट्विटर वालों को हजम कैसे होती? अतः ट्विटर पर दुष्ट लोगों ने प्रियंका गाँधी से ऐसे सवाल पूछने शुरू कर दिए, जिनकी जितनी कड़ी निंदा की जाए कम है।

एक व्यक्ति को यह जानने में दिलचस्पी हो गई कि बॉडीगार्ड का काम नेहरू की हिफाज़त करना ही था न, तो कोई पूछने लगा कि अगर बॉडीगार्ड सो गया तो बच्चों के प्यारे चाचा की पहरेदारी कर कौन रहा था।

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एक ‘गंदी सोच’ वाले व्यक्ति की दिलचस्पी तो यह जानने में हो गई कि आधी रात को पीएम बिना बॉडीगार्ड के आखिर करने क्या निकले थे!

यह ‘ऐतिहासिक तथ्य’ है कि महात्मा गाँधी के उत्तराधिकारी होने के चलते नेहरू जी बड़े ही सात्विक और सरल व्यक्ति थे। इसके बावजूद प्रियंका गाँधी को कई एक ट्विटर यूज़र ने यह पूछ दिया कि प्रधानमंत्री आवास में उन दिनों कोई दूसरा कमरा, या कोई और बिस्तर ही नहीं था क्या।

एक ने तो बेदर्दी से यही बोल दिया कि (मिसेज गाँधी-वाड्रा के लिए) यह मनगढ़ंत कहानी किसने बनाई।

WhatsApp पर मीमों के फैक्ट-चेक में बिजी प्रतीक ‘गंजू’ सिन्हा के ऑल्ट न्यूज़ को भी लोगों ने इसके ‘फैक्ट चेक’ के लिए परेशान करना शुरू कर दिया।

ऐसे ही एक और बेदर्द ने इस कहानी में गड़बड़ी की तुलना गेम ऑफ़ थ्रोन्स के अंतिम सीज़न की कहानी के छेदों (प्लॉट होल्स) से कर दी।

ऑपइंडिया चाचा नेहरू के बड्डे वाले दिन उनकी और उनकी प्यारी पर-नतिनी की ऐसी क्रूर ट्रोलिंग की कड़ी निंदा करता है।

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