Wednesday, July 28, 2021
Homeसोशल ट्रेंडराणा अयूब ने क्यों छिपाया अपना सेक्स? कोविड-19 रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर...

राणा अयूब ने क्यों छिपाया अपना सेक्स? कोविड-19 रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही छीछालेदर

"ये कैसा हॉस्पिटल है, जिसमें कोरोना पॉजिटिव महिला इलाज के बाद मर्द बन कर निकलती है... कहीं ऐसा तो नहीं कि कोरोना टेस्ट बस एक बहाना था, राणा अयूब को अपना जेंडर टेस्ट करवाना था।"

पत्रकार राणा अयूब के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई थी। सोशल मीडिया के माध्यम से राणा अयूब ने अपनी मेडिकल जाँच रिपोर्ट शेयर कर के दावा किया कि अब वो कोरोना वायरस से मुक्त हो गई हैं। हालाँकि, इस दौरान रिपोर्ट में उनका सेक्स मेल लिखा हुआ था, अर्थात उनका लिंग पुरुष दर्ज था। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर ये चर्चा शुरू हो गई है कि राणा अयूब का सेक्स मेल है और वो पुरुष हैं।

बाद में राणा अयूब ने इस ट्वीट को डिलीट कर लिया। फिर उन्होंने इस हिस्से को क्रॉप कर के अपनी जाँच रिपोर्ट की तस्वीर फिर से पोस्ट की। इसमें उन्होंने अपना सेक्स मेल लिखे होने वाला हिस्सा हटा दिया था। कुछ लोगों ने कहा कि वो अपने कोविड-19 टेस्ट कराने गई थीं या फिर अपना जेंडर टेस्ट कराने? वहीं एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि कोरोना टेस्ट तो बहाना था, राणा अयूब को अपना जेंडर टेस्ट करवाना था।

मीडिया टिप्पणीकार अरुण पुदुर ने इस जाँच रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए पूछा कि राणा अयूब ने उस ट्वीट को डिलीट क्यों किया, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है कि उनका सेक्स मेल है। उन्होंने पूछा कि ये जाँच रिपोर्ट ही फेक है या फिर राणा अयूब ‘Gender Fluid’ हैं? साथ ही उन्होंने ये भी पूछा कि कहीं वो मुंबई के कई ड्रगबाजों की तरह अपने शरीर से ड्रग्स के सबूत मिटाने के लिए तो नहीं अस्पताल में भर्ती हुई थीं?

विराज नाम के एक ट्विटर यूजर ने तो यहाँ तक दावा किया कि कहीं उन्होंने अपने कोरोना केस वाली बात तो झूठ के रूप में नहीं फैलाई थी? एक यूजर ने लिखा कि वायरस ही जेंडर न्यूट्रल है। ज्योति कपूर दास ने ‘मेरी 5 साल की भतीजी’ टाइप का कोई बहाना फिर से आने की शंका जताई। बता दें कि राणा अयूब ने दावा किया था कि उनकी 5 साल की भतीजी ने मंदिर-मस्जिद की तस्वीर साथ बना कर असहिष्णुता पर लेख लिखा था।

बाद में पता चला कि वो लेख बच्चों की एक पोर्टल से कॉपी-पेस्ट किया गया था। ‘मीमर हर्ष’ नामक ट्विटर यूजर ने शक जताया कि राणा अयूब को कोरोना हुआ ही नहीं था और उन्होंने सहानुभति लेने के लिए ये ‘निंजा टेक्निक’ अपनाया। एक व्यक्ति ने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर ये कैसा हॉस्पिटल है, जिसमें कोरोना पॉजिटिव महिला मरीज इलाज के बाद पुरुष बन कर निकलती है। उसने इसकी तुलना ‘आलू-सोना’ वाली मशीन से की।

ज्ञात हो कि राणा अय्यूब ने ही जानकारी दी थी कि कोरोना वायरस टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। उन्होंने बुधवार (सितंबर 9, 2020) को ट्वीट किया था कि बीती रात उनका ऑक्सीजन लेवल काफी डाउन हो गया, जिसके बाद उनका कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। उन्होंने अपने ट्वीट में इस बात का दावा किया था वह खुद को किसी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए नवी मुंबई में एक बेड की तलाश कर रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बद्रीनाथ नहीं, वो बदरुद्दीन शाह हैं…मुस्लिमों का तीर्थ स्थल’: देवबंदी मौलाना पर उत्तराखंड में FIR, कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

मौलाना के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 153ए, 505, और आईटी एक्ट की धारा 66F के तहत केस किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके बयान से हिंदू भावनाएँ आहत हुईं।

बसवराज बोम्मई होंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री: पिता भी थे CM, राजीव गाँधी के जमाने में गवर्नर ने छीन ली थी कुर्सी

बसवराज बोम्मई के पिता एस आर बोम्मई भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि बसवराज ने भाजपा 2008 में ज्वाइन की थी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,576FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe