Friday, November 27, 2020
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शाहीन बाग की ‘शेरनी’ योगी प्रशासन का डंडा पड़ते ही बनी ‘बिल्ली’: गिड़गिड़ाकर माँगी माफी, Video वायरल

"कुछ लोग शाहीन बाग जा रहे थे। तो मैं भी वहाँ चली गई। वहाँ जब लोगों ने सवाल किया तो मैंने जवाब दिए। लेकिन लोगों ने अच्छी बातों को काट दिया और गलत बातों को वायरल कर दिया। ये सब मेरे ख़िलाफ़ साजिश है।"

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से शाहीन बाग जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और हिंदुओं के ख़िलाफ़ जहर उगलने वाली महिला टीचर नाहिदा जैदी की दो विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एक विडियो उस समय की है, जब शाहीन बाग प्रोटेस्ट में शामिल होकर उन्होंने मोदी-शाह समेत अपने हिंदू सहकर्मियों के लिए कुँठा निकाली थी और दूसरी तब की है जब प्रशासन ने उनके ख़िलाफ़ एक्शन लेते हुए सस्पेंड किया। सस्पेंशन के बाद वाले विडियो में तो उन्होंने माफी माँगते हुए अपनी बातें और अपने सारे सुर बदल लिए।

पहली विडियो में सुना जा सकता है कि कैसे महिला टीचर शाहीन बाग से हुंकार भरती हैं। वो विडियो में सवाल करती हैं कि जब यहाँ की जमीन उनकी है, हवा उनकी है, पानी उनका है, तो आखिर कैसे उन्हें यहाँ से हटाने की बात की जा सकती है। कैसे कहा जा सकता है कि मु###न यहाँ का नहीं है और कैसे एनआरसी लगाई जा सकती है। वे कहती हैं कि वे पढ़ी-लिखी हैं और सालों से बच्चों को राजनीतिक शास्त्र पढ़ा भी रही हैं। वो अच्छे से जानती हैं कि भारत को आजादी कैसे मिली? उनके अनुसार आरएसएस तो बिका हुआ था। आखिर आरएसएस ने किया ही क्या? आजादी के लिए तो उन्होंने पैसे दिए, जानें दीं, खून बहाया। लेकिन आज आजादी का फायदा मोदी-शाह उठा रहे हैं।

वे शाहीन बाग से कहती हैं कि अमित शाह अपनी बड़ी-बड़ी आँखे दिखाकर उन्हें डराना चाहते हैं और साथ ही हिंदू लोग भी उनके ख़िलाफ़ हो गए हैं। वीडियो में उन्हें स्पष्ट कहते सुना जा सकता है कि जहाँ वो पढ़ाती हैं, वहाँ वो अकेली मु###न हैं। लेकिन वहाँ पर हिंदू टीचर मुस्लिमों के बारे में बहुत गंदी बातें बोलते हैं, उन्हें आतंकी कहते हैं। इस पर उनका रोज झगड़ा होता है और जो वो शाहीन बाग पहुँची हैं, वो सिर्फ़ अपनी एकजुटता दिखाने आई हैं कि वो लोग हिंदू के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि हिंदुत्व के ख़िलाफ़ हैं। बता दें कि अपनी इस बातचीत में नाहिदा जैदी ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी नाजायज बताया। साथ ही कश्मीर के मुद्दे को उठाते हुए कहती हैं कि उन लोगों ने बहुत जुल्म सह लिया। मगर अब नहीं। वहीं उनकी साथी ने कहा था वे लोग भिखारी नहीं हैं, जो पैसे लेकर यहाँ आएँगे।

हालाँकि, वीडियो में महिला टीचर के शब्दों में, हाव-भाव में सरकार और हिंदू धर्म के लिए उनकी घृणा साफ झलक रही है। मगर, मामला गर्माने के बाद, वीडियो वायरल होने के बाद, प्रशासन द्वारा सवाल-जवाब पूछे जाने के बाद नाहिदा ने फौरन इस मामले पर बीते दिनों माफी माँग लीं। और स्वीकारती हैं कि उनके मुँह से कुछ गलत अल्फाज निकल गए थे। उनके अनुसार, कुछ लोग उनके यहाँ से शाहीन बाग जा रहे थे। तो वो भी वहाँ चली गईं। वहाँ जब लोगों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने जवाब दिए। लेकिन लोगों ने अच्छी बातों को काट दिया और गलत बातों को वायरल कर दिया गया। उनका कहना है कि ये सब उनके ख़िलाफ़ साजिश है और वो अच्छे से जानती हैं कि ऐसा कौन कर रहा है। इसके बाद वो वीडियो में अपने कहे शब्दों के लिए माफी माँगती हैं और कहती हैं कि वो इस दुनिया में अकेली हैं, उनके माता-पिता कोई नहीं है। मगर फिर भी उन पर जुल्म ढहाया जा रहा है।

दो अलग-अलग जगहों और स्थितियों में इस तरह बयान बदलने को लेकर ही उनकी दोनों वीडियो को वायरल किया जा रहा है और पूछा जा रहा है कि 25 साल तक इन्होंने अपने छात्रों को कैसी शिक्षा दी होगी?

बता दें कि सहारनपुर में आशा मार्डन स्कूल की प्रिंसिपल ने भी इस मामले के संज्ञान में आने के बाद अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें वीडियो वायरल के बारे में तो नहीं मालूम लेकिन टीचर ने जो कमेंट किए हैं, वो सरासर गलत हैं। प्रिंसिपल के अनुसार उनके स्कूल में नाहिदा अकेली मुस्लिम टीचर नहीं हैं। उनके अलावा और भी शिक्षक हैं, लेकिन उनकी ओर से शिकायतें नहीं आईं हैं।

वहीं, एसपी सिटी विनीत भटनागर ने भी आश्वासन दिया कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन के लोग जबरदस्ती किसी स्कूल में जाकर दबाव बनाने का काम करते हैं, तो उन पर भी कार्रवाई होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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