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‘मैं अली को जानती तो नहीं, लेकिन उसने कमलेश तिवारी की हत्या का जश्न मनाया… इसलिए उसे रिलीज करो’

एक व्यक्ति ने संजुक्ता को अली सोहराब के बारे में बताते हुए कहा कि वो एक 'जिहादी काका' है, जो हिन्दुओं के ख़िलाफ़ ज़हर उगल कर यूपी का ओवैसी बनना चाहता है।

ट्विटर पर ज़हर उगलने के लिए कुख्यात संजुक्ता बासु ने कथित पत्रकार अली सोहराब को रिलीज करने की माँग की है। संजुक्ता ने अली सोहराब को छोड़ने की माँग बिना ये जाने कर दी कि वो कौन है और क्या करता है? संयुक्ता ने ट्विटर पर ‘रिलीज अली सोहराब’ ट्रेंड को समर्थन देते हुए पूछा कि अली कौन है और उसके साथ क्या हुआ है? इसका मतलब ये है कि संजुक्ता ने बिना उसकी पहचान जाने और बिना मामले को समझे ही ट्वीट कर दिया क्योंकि उसके गैंग विशेष के लोग ऐसे ट्वीट्स कर रहे थे।

अली सोहराब ने कमलेश तिवारी की हत्या का मनाया था जश्न

वामपंथियों ने अंधविरोध में अब सही-ग़लत देखना छोड़ दिया है। अब वो मामले को समझना तो दूर, बिना उसे जाने ही उसपर अपनी राय व्यक्त करते हैं। संजुक्ता का ये ट्वीट उसका ही उदाहरण है। वो इस ट्वीट में न्यूज़ लिंक भी माँग रही हैं कि अली सोहराब कौन है और उसके साथ क्या हुआ है, कोई इस बात की जानकारी दे। लेकिन जानकारी के अभाव में ही उन्होंने अली सोहराब को छोड़ने की माँग कर दी। बता दें कि अली सोहराब ‘काकावाणी’ नाम से ट्विटर हैंडल चलाता है और ख़ुद को ‘डरा हुआ पत्रकार’ बताता है।

एक व्यक्ति ने संजुक्ता को अली सोहराब के बारे में बताते हुए कहा कि वो एक ‘जिहादी काका’ है, जो हिन्दुओं के ख़िलाफ़ ज़हर उगल कर यूपी का ओवैसी बनना चाहता है। अली सोहराब को दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस की संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गिरफ़्तार किया गया है। उसपर आईपीसी की धारा 295 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए दुर्भावना से ग्रसित होकर और जानबूझ कर किया गया कृत्य) और 66, 67 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

हिन्दुओं के प्रति घृणित रुख रखने वाले अली सोहराब ने कमलेश तिवारी की हत्या के बाद जश्न मनाया था। उसने उनकी हत्या के बाद ट्विटर पर दीवाली की बधाई दी थी। अपने इस कृत्य से उसने हिन्दुओं को चिढ़ाने का प्रयास किया था। वह रोहित सरदाना की नाबालिग बेटी को भी भला-बुरा बोल चुका है। अली सोहराब के ख़िलाफ़ यूपी पुलिस ने अक्टूबर 2019 में ही मामला दर्ज कर लिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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