Homeसोशल ट्रेंडराहुल गाँधी को Morona-वायरस क्यों कह रहे हैं ट्विटर यूजर्स?

राहुल गाँधी को Morona-वायरस क्यों कह रहे हैं ट्विटर यूजर्स?

राहुल गाँधी द्वारा रीट्वीट की गई इस तस्वीर को इशिता यादव ने शेयर करते हुए लिखा है- "Why did moronavirus just retweet this?" यानी, 'ये मोरोनावायरस ने इसे क्यों रीट्वीट किया?' ज्ञात हो कि 'Moron' का हिंदी अर्थ 'मूर्ख' होता है।

राजनीति से जुड़ा कोई भी घटनाक्रम हो और उसमें राहुल गाँधी की जरा भी मौजूदगी हो तो सोशल मीडिया पर चुटकुलों और मीम्स की बहार आ जाती है। ऐसा ही नजारा मध्य प्रदेश मे ज्योतिरादित्य सिंधिया के कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा जाने के बाद देखने को मिला है।

इस बार समसामयिकी में बने कोरोना वायरस के साथ कलाकारी करते हुए कुछ ट्विटर यूजर्स ने इसे ‘मोरोना वायरस’ नाम दे दिया है और वो इसका इस्तेमाल कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के लिए कर रहे हैं।

दरअसल, राहुल गाँधी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ शेयर की हुई एक पुरानी तस्वीर को दोबारा ट्वीट किया। यह तस्वीर मूल रूप से दिसंबर 13, 2018 को शेयर की गई थी। तस्वीर में राहुल गाँधी के साथ मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद हैं। इस फोटो में राहुल गाँधी ने मशहूर लेख लियो टॉलस्टॉय की लिखी हुई एक पंक्ति के साथ शेयर किया है, जिसमें लिखा है- ‘दो सबसे ज्यादा ताकतवर योद्धा समय और धैर्य हैं।’

राहुल गाँधी द्वारा रीट्वीट की गई इस तस्वीर को इशिता यादव ने शेयर करते हुए लिखा है- “Why did moronavirus just retweet this?” यानी, ‘ये मोरोनावायरस ने इसे क्यों रीट्वीट किया?’ ज्ञात हो कि ‘Moron’ का हिंदी अर्थ ‘मूर्ख’ होता है।

इशिता ने राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए यह ट्वीट किया है। इसी ट्वीट के अन्य कमेंट में उन्होंने लिखा है कि उम्मीद है, वो सिसोदिया को पीकर मैसेज नहीं भेजेंगे। दरअसल, ड्रंक टेक्स्ट का इस्तेमाल अक्सर लोग शराब पीने के बाद पुरानी प्रेमिका को भेजे गए सन्देश के रूप में करते हैं।

यूँ भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद से राहुल गाँधी निरंतर प्रेम में धोखा खाए हुए इंसान की तरह ही व्यवहार करते नजर आए हैं। कल ही उन्होंने एक बयान में कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अकेले ऐसे कॉन्ग्रेसी थे, जो कभी भी उनके घर आ-जा सकते थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।
- विज्ञापन -