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‘वो सुबह कभी तो आएगी दोस्त’: दिल्ली दंगा आरोपित उमर खालिद के महिमामंडन में जुटी स्वरा भास्कर, बोल रहे वामपंथी-इस्लामी गिरोह के लोग – इंशाअल्लाह, वो रिहा होंगे

फिल्म निर्माता ओनिर ने कहा, “उम्मीद है कि 2023 में उमर खालिद को न्याय मिलेगा। वह उन चीजों के बारे में बोलने के लिए जेल में है जिन्हें हम सभी महत्वपूर्ण मानते हैं। हमारा संविधान, समावेश, प्रेम और सहानुभूति।"

साल 2020 में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के आरोपित उमर खालिद को बहन की शादी में शामिल होने के लिए 7 दिनों की जमानत मिली थी। जमानत अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार (30 दिसंबर, 2022) को खालिद ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह तिहाड़ जेल में रहेगा। उमर खालिद के आत्मसमर्पण करने की जानकारी मिलने के बाद वामपंथियों ने खालिद का महिमामंडन करना शुरू दिया। इसमें, बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर से लेकर वामियों के प्रोपेगैंडा पोर्टल के तथाकथित पत्रकार तक शामिल हैं।

स्वरा भास्कर ने उमर खालिद को लेकर ट्वीट करते हुए कहा है, “यह बहादुर युवक एक भाषण के लिए जेल में है। जहाँ, उसने प्रेम और एकता की बात की और हमारे संविधान के मूल्यों की वकालत की। ट्रांज़िट ज़मानत के बाद, उमर खालिद फिर से जेल में जा रहा है। अन्याय के वाबजूद वह मुस्कुरा रहा है और संकल्पित। तुम एक स्टार हो। वो सुबह कभी तो आएगी दोस्त।”

तथाकथित सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता खालिदा परवीन ने कहा, “उनके डंडों और जेलों से उसकी मुस्कान नहीं मिट सकी। हम पहले से दृढ़ थे। हम दिखाएँगे कि शाहीन बाग में आवाज उठाकर हमें यह ताकत फिर से कैसे मिली।”

फिल्म निर्माता ओनिर ने कहा, “उम्मीद है कि 2023 में उमर खालिद को न्याय मिलेगा। वह उन चीजों के बारे में बोलने के लिए जेल में है जिन्हें हम सभी महत्वपूर्ण मानते हैं। हमारा संविधान, समावेश, प्रेम और सहानुभूति।”

ओखलापोस्ट के पत्रकार साहिल रज़वी ने कहा, “उमर खालिद अपनी बहन की शादी में शामिल होने के बाद वापस जेल चले गए हैं।”

खालिद की एक सहयोगी ज्योत्सना बानो ने कहा, “तो बिना किसी सनसनी के, हम एक सप्ताह पूरी तरह से जी गए। ढेर सारी हँसी और आनंद के बीच, अच्छा खाना और मस्ती। हम उदास और चिंतित नहीं हुए। जैसा कि उमर की माँ कहती है, हमने इस एक सप्ताह को जीवन में आगे बढ़ने के लिए लड़ाई हेतु बूस्टर डोज की तरह माना है।”

न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार शरजील उस्मानी ने लिखा, “तस्वीरें बेहद खूबसूरत और दर्दनाक दोनों हैं। दुआ करता हूँ कि उमर खालिद जल्द अपने परिवार और दोस्तों के पास लौट आए। और शरजील भाई, गुलफिशा, खालिद भाई, मीरान हैदर, और हमारे सभी राजनीतिक कैदी भी। इंशा अल्लाह। अमीन।”

दरअसल, उमर खालिद फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों को लेकर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के अंतर्गत दंगे को भड़काने का आरोपित है।

बता दें कि फरवरी 20220 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन हो रहे थे। इस दौरान, नार्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में साम्प्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में पुलिस कर्मियों समेत कुल 53 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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