Tuesday, April 16, 2024
Homeसोशल ट्रेंडअब ट्विटर ने जम्मू-कश्मीर कर दिया भारत से बाहर, पहले भी कई बार कर...

अब ट्विटर ने जम्मू-कश्मीर कर दिया भारत से बाहर, पहले भी कई बार कर चुका है ऐसे कारनामे: कार्रवाई की माँग

ट्विटर के 'ट्वीप लाइफ' सेक्शन में जो मैप दिख रहा है उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत से अलग दिखाया गया है। ट्विटर की यह गलती इस बार सबसे पहले ट्विटर यूजर @thvaranam द्वारा पकड़ी गई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर और भारत सरकार के बीच नए आईटी नियमों को लेकर चल रहे विवाद के बीच ट्विटर का एक नया कारनामा सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्विटर ने भारतीय नक्शे से जम्मू कश्मीर को बाहर दिखाया है। टाइम्स नाऊ ने अपने ट्वीट पर यह जानकारी दी।

ट्विटर के ‘ट्वीप लाइफ’ सेक्शन में जो मैप दिख रहा है उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत से अलग दिखाया गया है। ट्विटर की यह गलती इस बार सबसे पहले ट्विटर यूजर @thvaranam द्वारा पकड़ी गई है।

ट्विटर की यह गलती सामने आते हैं सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोगों ने केंद्रीय कानून मंत्री सहित कई नेताओं को टैग कर सख्त कार्रवाई की माँग की है।

मालूम हो कि यह पहली बार नहीं है कि ट्विटर भारत के भाग को मानचित्र में गलत प्रस्तुत कर रहा हो। इससे पहले ट्विटर ने लेह की ‘जियो लोकेशन’ जम्मू कश्मीर, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना में दिखाई थी। इस संबंध में 18 अक्टूबर 2020 को रक्षा विशेषज्ञ नितिन गोखले ने एक लाइव ब्रॉडकास्ट के जरिए दिखाया था कि कैसे ट्विटर (Twitter) अपनी ‘लोकेशन’ में जम्मू कश्मीर को चीन का हिस्सा बता रहा था।

गोखले लेह के लोकप्रिय युद्ध स्मारक ‘हॉल ऑफ फेम’ से लाइव थे और इसी दौरान उन्होंने ट्विटर की इस गड़बड़ी को पकड़ा। उन्होंने ट्विटर से पूछा कि आखिर वो जम्मू कश्मीर को भारत का हिस्सा न बता कर चीन का भाग क्यों बता रहा है? इस मामले के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने भी ट्विटर को चेतावनी जारी की थी। सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अजय साव्हने ने इस मुद्दे पर ट्विटर के सीईओ जैक डोरसे को एक पत्र लिखा और पत्र के जरिए जम्मू कश्मीर को चीन का हिस्सा बताने पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

पत्र में लिखा गया था कि सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अजय साव्हने ने पत्र में ट्विटर को लिखा कि लेह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का मुख्यालय है। इसके अलावा लद्दाख और जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यह भारतीय संविधान के अंतर्गत आता है। लिहाज़ा जिस प्रकार का मानचित्र ट्विटर ने पेश किया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य और आपत्तिजनक है। 

ट्विटर को कड़ी चेतावनी देते हुए मंत्रालय के सचिव ने लिखा था कि इस तरह की हरकतों से सिर्फ और सिर्फ ट्विटर की छवि खराब होती है। इसके अलावा ट्विटर का यह रवैया उसकी निरपेक्षता पर भी सवाल खड़े करता है। कड़े शब्दों में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में इस तरह की गलतियाँ स्वीकार नहीं की जाएँगी। यह सरासर गैर ज़िम्मेदाराना हरकत थी, जिसका सीधा प्रभाव लोगों की भावनाओं और देश की अखंडता पर पड़ता है।    

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मोदी की गारंटी’ भी होगी पूरी: 2014 और 2019 में किए इन 10 बड़े वादों को मोदी सरकार ने किया पूरा, पढ़ें- क्यों जनता...

राम मंदिर के निर्माण और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम को अधिसूचित करने तक, भाजपा सरकार को विपक्ष के लगातार कीचड़ उछालने के कारण पथरीली राह पर चलना पड़ा।

‘वित्त मंत्री रहते RBI पर दबाव बनाते थे P चिदंबरम, सरकार के लिए माहौल बनाने को कहते थे’: बैंक के पूर्व गवर्नर ने खोली...

आरबीआई के पूर्व गवर्नर पी सुब्बाराव का दावा है कि यूपीए सरकारों में वित्त मंत्री रहे प्रणब मुखर्जी और पी चिदंबरम रिजर्व बैंक पर दबाव डालते थे कि वो सरकार के पक्ष में माहौल बनाने वाले आँकड़ें जारी करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe