Tuesday, August 4, 2020

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अंतरिम बजट

रोज़गार कहाँ है? पूछने वाले यह ख़बर ज़रूर पढ़ें…

सरकार द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट में बताया गया कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच विभिन्न विभागों में 3.79 लाख से अधिक नौकरियाँ दी गईं।

असंगठित क्षेत्र श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक साबित होगी ‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन पेंशन योजना’

ऐसा अनुमान है कि अगले पाँच वर्षों के भीतर असंगठित क्षेत्र के कम से कम 10 करोड़ श्रमिक और कामगार इस योजना का लाभ लेंगे।

बजट 2019: जब संसद में गूँजा ‘हाउ इज़ द जोश?’

आज के बजट भाषण में ₹5 लाख तक की वार्षिक आय पर टैक्स में छूट देने की जैसे ही घोषणा हुई, संसद 'मोदी-मोदी' के नारों से गूँजने लगी।

बजट में हुई MEME आयोग के लिए विशेष फंड की घोषणा

अस्वस्थ चल रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली के स्थान पर कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल कैबिनेट द्वारा अंतरिम बजट स्वीकार कर लिए जाने के बाद एकदम जोश में दिखे।

बजट 2019: वो पाँच बड़ी बातें जो आपको पता होनी चाहिए

सरकार द्वारा पेश किए गए इस बजट में ‘सबका साथ सबका विकास’ की मूल भावना का ख़याल रखा गया।

बजट 2019: ग़रीब, अति पिछड़े, घुमंतू, अर्ध-घुमंतू जातियों के लिए भी खुले विकास के द्वार

सबसे पहले रेनके आयोग और आईडेट आयोग ने इन समुदायों की पहचान का काम किया और इन समुदायों की सूची बनाई है।

बजट 2019: जानिए आपको क्या मिला!

सीधे तौर पर जानिए कि इस बजट के ज़रिए आमलोगों के लिए या फ़िर आपके लिए सरकार ने क्या बड़ी घोषणा की है।

बजट 2019: सबसे सुरक्षित हुआ रेल से सफ़र, रेल बजट पर बड़ा ऐलान

वंदे भारत एक्‍सप्रेस से देश को वर्ल्‍ड क्‍लास रेलवे की सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि इसे पूरी तरह से भारतीय इंजीनियरों ने तैयार किया है।

बजट से पहले बजट पेश! बजट बनाना भूल न जाएँ, इसके लिए कॉन्ग्रेस की असफल कोशिश?

तिवारी जी आ गए छौंक लगाने। मोदी सरकार से पहले बजट पेश कर दिया। संसद में नहीं, सोशल मीडिया पर। ऊपर से लिख दिया कि इसे सरकार ने ही लीक किया है। हद कर दी तिवारी जी आपने!

क्या है अंतरिम और पूर्ण बजट? अंतरिम बजट के तहत क्या हैं सरकार की सीमाएँ

पूर्ण बजट में सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष के ख़र्चे का लेखा-जोखा पेश करती है। इसमें सभी विभागों को आवंटित होने वाली राशि, विभिन्न योजनाओं में ख़र्च होने वाली राशि क्या होगी आदि का जिक्र होता है।

ताज़ा ख़बरें

‘इंशाअल्लाह, न कभी भूलेंगे, न माफ करेंगे’: भूमि पूजन से पहले जामिया वाली लदीदा ने दिखाई नफरत

जामिया में लदीदा के जिहाद के आह्वान के बाद हिंसा भड़की थी। अब उसने भूमि पूजन से पहले हिंदुओं के प्रति नफरत दिखाते हुए पोस्ट किया है।

मुंबई पुलिस को फरवरी में बताया था बेटे की जान खतरे में, पर कोई कारवाई नहीं की: सुशांत के पिता

सुशांत के पिता ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि 25 फरवरी को उन्होंने बांद्रा पुलिस को आगाह किया था कि उनके बेटे की जान खतरे में है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगा: फैजल फारुख की बेल के लिए बीवी ने बनाए फर्जी सर्टिफिकेट

दिल्ली पुलिस ने राजधानी स्कूल के मालिक फैजल फारुख, उसकी पत्नी, डॉक्टर और वकील के खिलाफ जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने का केस दर्ज किया है।

‘आज देख लेंगे हिंदुओं को… शाहरुख भाई वो रहा हिंदू, मारो साले को’: राजधानी स्कूल वाले फैजल फारुख पर चार्जशीट

फैजल फारुख। राजधानी स्कूल का मालिक। दिल्ली दंगों के दौरान हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए क्या, कब और कैसे किया। सब कुछ है इस चार्जशीट में।

4-5 अगस्त को घरों में दीप जलाएँ, अखंड रामायण पाठ करें, मंदिर के लिए बलिदान हुए पूर्वजों को याद करें: CM योगी आदित्यनाथ

राम मंदिर भूमिपूजन के ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए CM योगी आदित्यनाथ ने 4-5 अगस्त को घरों में दीप जलाने और अखंड रामायण पाठ की अपील की है।

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‘इससे अल्लाह खुश होता है, तो शैतान किससे खुश होगा?’ गाय को क्रेन से लटकाया, पटका फिर काटा

पाकिस्तान का बताए जाने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि गाय को क्रेन से ऊपर उठाया गया है और कई लोग वहाँ तमाशा देख रहे हैं।

‘खड़े-खड़े रेप कर दूँगा, फाड़ कर चार कर दूँगा’ – ‘देवांशी’ को समीर अहमद की धमकी, दिल्ली दंगों वाला इलाका

"अपने कुत्ते को यहाँ पेशाब मत करवाना नहीं तो मैं तुझे फाड़ कर चार कर दूँगा, तेरा यहीं खड़े-खड़े रेप कर दूँगा।" - समीर ने 'देवांशी' को यही कहा था।

‘राम-राम नहीं, जय भीम बोलो’: दरोगा रमेश राम ने माँ का श्राद्ध कर रहे परिजनों को जम कर पीटा, CM योगी ने लिया संज्ञान

जातिवादी टिप्पणी करते हुए दरोगा रमेश राम ने कहा कि वो ब्राह्मणों और ठाकुरों को सबक सिखाने के लिए ही पुलिस में भर्ती हुआ है। घायलों में सेना का जवान भी शामिल।

रवीश जी, आपका हर शो चुटकुला ही है, फिर कॉमेडी के लिए इतना परिश्रम काहे भाई!

भारत की पत्रकारिता में यह रवीश का सबसे बड़ा योगदान है। अच्छी योजनाओं और सरकारी कार्यों में भी, खोज-खोज कर कमियाँ बताई जाने लगी हैं। देखा-देखी बाकी वामपंथी एंकरों और पुराने चावल पत्रकारों ने भी, अपनी गिरती लोकप्रियता बनाए रखने के लिए, अपने दैनिक शौच से पहले और फेफड़ों से चढ़ते हर खखार (हिन्दी में बलगम) के बाद, मोदी और सरकार को गरियाना अपना परम कर्तव्य बना लिया है।

‘इंशाअल्लाह, न कभी भूलेंगे, न माफ करेंगे’: भूमि पूजन से पहले जामिया वाली लदीदा ने दिखाई नफरत

जामिया में लदीदा के जिहाद के आह्वान के बाद हिंसा भड़की थी। अब उसने भूमि पूजन से पहले हिंदुओं के प्रति नफरत दिखाते हुए पोस्ट किया है।

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