हमने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है, जिससे कि आतंक प्रयोजित और उनके लिए फंडिंग करने वाले देशों को कूटनीतिक तरीके से विश्व स्तर पर अलग-थलग किया जा सके। हम आतंक को खत्म करना चाहते हैं तो हमें अमेरिका द्वारा 9/11 के बाद आंतकियों के ख़िलाफ अपनाई गई नीति को अपनाना होगा
अक्षय प्रीतमदास भाटिया, मनीष आडवाणी... जैसे कई नामों के सहारे एजाज करीब 22 साल तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की आँख में धूल झोंकता रहा। इस दौरान उसने नाम ही नहीं बदले। रूप-रंग और जीवनशैली भी नाम के अनुसार बदली।
पिछले कुछ सालों में बिहार से कई आतंकी पकड़े गए हैं। बीते साल ही गया से जमात आतंकी दबोचा गया था। इतनी गिरफ़्तारियों से यह सवाल उठने लगा है कि आतंकियों के लिए बिहार सेफ़-ज़ोन तो नहीं बनता जा रहा?
स्थानीय लोगों के अनुसार पटाखा फैक्ट्री के नाम पर बम बनाने का काम चल रहा था। इस इलाके में कई ऐसी फैक्ट्रियॉं होने की बात कही जा रही जहॉं पटाखों के नाम पर प्रतिबंधित बम बनाए जाते हैं। आशंका जताई कि इस फैक्ट्री का सम्बन्ध आईएसआई या अन्य आतंकी संगठनों से हो सकता है।
क़ानूनविद अब्दिरिजाक मोहम्मद ने भी ट्विटर के माध्यम से इस घटना की सूचना दी। उनके अनुसार, बम विस्फोट में 17 पुलिस अधिकारी, 73 नागरिक और 4 विदेशी नागरिक विस्फोट के पीड़ितों में शामिल हैं। ये बम विस्फोट शहर के टैक्स ऑफ़िस के पास हुआ है।
जम्मू-कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद के 115 दिनों में जिहादियों ने 88 घटनाओं को अंजाम दिया। यह संख्या 370 हटने के पहले के 115 दिनों (12 अप्रैल, 2019 से 4 अगस्त, 2019 तक) में हुई ऐसी ही 106 घटनाओं के मुकाबले 17% कम है।
जॉंच एजेंसी ने कहा कि संदिग्धों से इस मामले में दो आरोपियों से उनके संबंधों के बारे में पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वे आईएस की किसी गतिविधि में शामिल हैं।
अक्टूबर में, एक आतंकी को टीवी समाचार रिपोर्ट में सीरियाई नरकहोल जेल की फ़र्श पर धमाके करते देखा गया था। उसे उसके माता-पिता ने भी देखा था। जैक लेट्स नाम के इस शख़्स का फुटेज भी सामने आया था, जिसमें उसने ख़ुद को "ब्रिटेन का दुश्मन" घोषित कर दिया था।
केरल से युवाओं को आईएस में भेजने वाले अब्दुल्ला ने बड़ी ही चालाकी से अन्य सम्प्रदाय और विचार के लोगों का धर्मांतरण करवाया और फिर उन्हें अपने साथ अफ़ग़ानिस्तान के खोरासन प्रान्त में ले गया। यहाँ तक की उसकी पत्नी सोनिया खुद शादी से पहले ईसाई थी, जिसका नाम बाद में आयशा रख दिया।
राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र के कार्यवाहक निदेशक, राष्ट्रीय ख़ुफ़िया विभाग के निदेशक रसेल ट्रैवर्स के अनुसार, ISIS-K दक्षिण एशिया में संचालित होता है। ISIS-K अमेरिका के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।