आतंकवादियों ने यह ग्रेनेट हमला उस वक्त किया जब लोग बााज़ार में ख़रीददारी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि यहाँ लगी रेहड़ियों से लोग फल-सब्ज़ियाँ लेने आते हैं और अक्सर यहाँ भीड़ लगी होती है।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को तुरंत मौक़े पर बुलाया गया और टर्मिनल-3 के बाहर की सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया। विशेष सेल और ख़ुफ़िया ब्यूरो ने जाँच शुरू कर दी......
यूरोपियन पैनल ने आशा जताई कि भारत दुनिया का सबसे शांतिपूर्ण देश बनेगा। सभी यूरोपियन सांसदों ने विश्व समुदाय को आगाह करते हुए कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत का साथ दिया जाना चाहिए। सभी 23 सदस्यों ने कहा कि वो भारत का समर्थन करते हैं।
"पाकिस्तान जिस ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा किए बैठा है, उस पर उसका खुद का ही नियंत्रण नहीं है; वो आतंकियों से कंट्रोल होती है। पीओके असल में एक आतंकियों द्वारा नियंत्रित देश या पाकिस्तान के भीतर का आतंकियों द्वारा नियंत्रित हिस्सा है।"
जमात-ए-इस्लामी कश्मीर में स्थानीय स्तर पर एक समानांतर स्कूली शिक्षा प्रणाली स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों में सरकार विरोधी नैरेटिव फैलाना और नफरत भरना है।
"मेरे पिता का अपहरण कर पाकिस्तान उन महिलाओं को आतंकित करने की कोशिश कर रहा है, जिन्होंने मेरे पिता का समर्थन किया और पाकिस्तान से असहमति जताई। अब पाकिस्तान ऐसे लोगों को आतंक के नाम पर डराने की कोशिश कर रहा है।"
26,629 ग्राम स्तर पर पंच और सरपंच पदों पर आसीन उम्मीदवार BDC के अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के योग्य पाए गए हैं। इनमें एक-तिहाई से ज़रा ही कम (8,313) अनुपात महिलाओं का है।
धमाके के वक्त मस्जिद में करीब 350 लोग थे। चश्मदीदों ने मस्जिद की छत गिरने से पहले एक बड़ा धमाका सुना। स्थानीय पुलिस अधिकारी तेज़ाब ख़ान ने बताया कि मौलवी अजान पढ़ रहे थे और फिर अचानक एक धमाके के बाद उनकी आवाज बंद हो गई।
ज़्यादा संभावना इस बात की है कि पुलिस को मामले में किसी भी 'एंगल' के सबूत अब तक न मिले हों, जिसमें कोई आश्चर्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि हत्या को अभी 24 घंटे भी नहीं हुए हैं। ऐसे में सबूत न मिलने को बहुत सम्भव है कि मीडिया में क्लीन चिट मिलने के रूप में दिखाया जा रहा है।