वह पिछले महीने दुनिया भर में उस समय सुर्खियों में छा गई, जब इस ‘ज़िहादी दुल्हन’ ने उसने सार्वजनिक रूप से ब्रिटिश सरकार से उसे वापस आने की अनुमति देने का अनुरोध किया था।
उमा भारती ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी को शर्म आनी चाहिए क्योंकि इन्होने 1984 एवं 1991 में लोकसभा चुनाव में इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी की शहादत को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश की थी।
सिंह ने यह भी कहा, "अगली बार जब भारत कोई कार्रवाई करे तो जो विपक्षी नेता प्रश्न उठाते हैं, उन्हें हवाई जहाज के नीचे बाँध के ले जाएँ। जब बम गिराया जाएगा तो उन्हें वहीं से टारगेट दिख जाएगा। इसके बाद उनको वहीं पर उतार दें। वे लोग टारगेट की जगहों को गिन लें और वापस आ जाएं।"
आतंकवादियों को हिरासत में लेने की ये पहली घटना नहीं है। पाकिस्तान पहले भी अन्तरराष्ट्रीय दबाव के चलते इस प्रकार के नाटक कर चुका है। यह पाकिस्तान द्वारा दुनिया की आँखों में धूल झोंकने का पुराना पेशा बन चुका है।
गिरफ़्तार डॉक्टर पर आतंकवादियों को वित्तीय मदद देने में शामिल होने का संदेह है। उसके सुरक्षा बलों को धोखे से भोजन और पानी में ज़हर देने की साज़िश में शामिल होने की भी बात सामने आई है।
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लाम्बा ने आज सुबह ही ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया था कि पाकिस्तान के आतंकवादी लगातार समुद्र के जरिए भारत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के प्रयास कर रहे हैं।
कश्मीर में अलगाववाद को बल मिलता है पैन-इस्लामिज़म से, जो खिलाफत आंदोलन के या उससे भी पूर्व के उस विचार से प्रभावित है, जिसमें दुनिया के सभी मुस्लिमों को राष्ट्रीय सीमाओं से परे एक झंडे के नीचे खड़े होने को अपना आदर्श मानता है।
साल 2014-17 के बीच पकड़े गए जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों में से 4 आतंकियों को प्रशिक्षण बालाकोट के उसी कैंप में मिला है जहाँ पर वायु सेना द्वारा हाल ही में हमला किया गया।