ख़ुफ़िया इनपुट्स के मुताबिक जैश कमांडर अबू उस्मान के नेटवर्क से जुड़ा मॉड्यूल दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में घुस अपने मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में है। इनका मकसद त्योहारों में भीड़भाड़ वाले इलाके में तबाही मचाना है। निशाने पर चार प्रमुख बाजार हैं।
आतंकियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अब तक सीलमपुर और उत्तर पूर्वी दिल्ली के 2 स्थानों एवं जामिया नगर और सेंट्रल दिल्ली के पहाड़गंज स्थित 2 जगहों पर छापेमारी की है। इसके अलावा 2 लोगों को पूछताछ के लिए भी हिरासत में लिया गया है।
शुरुआती जाँच में खुलासा हुआ है कि 200 रुपए देकर एक महिला ने बिलावर से बस के ड्राइवर को विस्फोटक का पैकेट दिया था और कहा था कि इसे बस स्टैंड पर एक व्यक्ति के हवाले करना है।
घुसपैठ की यह घटना जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से कुछ ही दिन पहले की है। 5 अगस्त को जम्मू कश्मीर से 370 निष्क्रिय करके जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का निर्णय लिया गया था।
चाहे वो मोदी हों, मर्कल हों, मैक्राँ हों, जॉनसन हो या कोई वैसा राष्ट्र जो यह नहीं चाहता कि उसके किसी एयरपोर्ट पर, चर्च में, सड़क पर, पार्क में, मंदिर पर या बस-ट्रेन में बम फूटे, छुरा चले, ट्रकों से लोगों को रौंदा जाए, तो सबसे पहला काम तो वो यह करें कि एक स्वर में इस मुसीबत को उसके पूरे नाम से स्वीकारें कि हाँ, कट्टरपंथी आतंकवाद ने इन सारे देशों में दहशत फैलाई है, जानें ली है, परिवारों को तोड़ा है।
साल 2003 में 3 नेताओं की हत्या की साजिश रची गई थी। साजिश के तहत भाजपा नेता हरेन पांड्या की हत्या कर दी गई जबकि वीएचपी के दो नेता जयदीप पटेल और जगदीश पटेल बच गए थे। इसके लिए वहाब ने धन मुहैया कराया था।
सेनाध्यक्ष ने बालाकोट को पाकिस्तान ने हाल ही में फिर से शुरू कर दिया है। इससे पता चलता है कि बालाकोट प्रभावित हुआ था। वह क्षतिग्रस्त और नष्ट हुआ था। इसलिए लोग वहाँ से चले गए थे और अब वह फिर से सक्रिय हो गया है।
पुलिस को इन आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में (500 राउंड) गोला-बारूद बरामद हुआ है। साथ ही पुलिस को इनके पास से 5 एके-47, कुछ पिस्टल्स, सैटलाइट फोन और एक सफेद मारूती सुजुकी कार भी मिली है।
कलीमुद्दीन युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती कर उन्हें पाकिस्तान भेजा करता था। 2014 में वह दुबई के रास्ते पाकिस्तान गया था और कराची में रुका था। वहीं उसे हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया था।
पिछले एक महीने में घाटी में कई आतंकी मारे गए हैं। उनके मददगार रहे दो दर्जन से अधिक स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है।। कठुआ से गिरफ्तार आतंकियों से मिले सुराग के आधार पर जैश के ओवर ग्राउंड कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया।