आरटीआई जवाब में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने साल 2015 में कुल ₹1174.67 करोड़ का ग्रीन टैक्स जमा किया था, जिसमें से केवल ₹272.51 करोड़ ही खर्च किए गए। इस ₹272 करोड़ में से ₹265 करोड़ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खर्च किए गए।
याचिकाकर्ताओं ने यह दलील भी दी थी कि महिला चालकों को छूट देकर समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है। इस पर शाश्वत भारद्वाज द्वारा याचिका में कहा गया कि लिंग के आधार पर नियम में भेदभाव करना समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
लगभग सभी मीडिया चैनल ने एक विकृत और अपराधी के रूप में सर्वजीत को दिखाया। सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी जसलीन के पोस्ट और अन्य संबंधित पोस्ट को बड़े धड़ल्ले से शेयर किया, इससे लोगों के मन में सर्वजीत की ख़राब छवि बन गई।
अकेले सीएम केजरीवाल के इलाज पर 12 लाख रुपए से भी अधिक ख़र्च किए गए। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के परिजनों के इलाज पर 13.25 लाख रुपए से भी अधिक ख़र्च किए गए। ये सारा ख़र्च सरकारी खजाने से हुआ।
अमानतुल्लाह खान पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले साल दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ सीएम के आवास पर हुई मारपीट में भी कथित तौर पर शामिल थे। सिग्नेचर ब्रिज के एक कार्यक्रम में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ धक्का-मुक्की का आरोप भी उन पर है।
"केजरीवाल सरकार डेंगू के मच्छरों को मारना चाहती है, लेकिन बीजेपी वाले खुद डेंगू बनकर इस अभियान को मारना चाहते हैं। इसी नीयत से एमसीडी ने एक डाटा जारी कर बताया है कि डेंगू के लार्वा दिल्ली सरकार के स्कूलों और दफ्तरों में मिले हैं।"
"अरविंद केजरीवाल जी, आपके प्रवक्ताओं ने आपकी इच्छा के अनुसार पूरे अहंकार के साथ मुझसे कहा था कि पार्टी ट्विटर पर भी मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लेगी। इसलिए कृपया "आम आदमी पार्टी", जो अब "ख़ास आदमी पार्टी" बन चुकी है, की प्राथमिक सदस्यता से मेरा इस्तीफा स्वीकार करें।"
दिल्ली की AAP सरकार के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने इस फैसले पर मुहर लगा दी है। इस मामले पर अपनी राय देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके सामने जो सबूत पेश किए हैं, उसके मुताबिक कन्हैया और अन्य लोगों पर देशद्रोह का मामला नहीं बनता है।