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AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी लाखों के फर्जी मेडिकल बिल और दंगे फैलाने के आरोप में गिरफ्तार

विधायक पर आरोप है कि उन्होंने दंगे भड़काने की कोशिश की। जिसमें 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक डेड बॉडी को रखकर विरोध प्रदर्शन किया था।

आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अखिलेश पर 2013 में दंगा फैलाने का आरोप है। साथ ही अखिलेश पर अपने माता-पिता के नाम पर फर्जी मेडिकल बिल पास कराने का भी आरोप है।

बता दें कि दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ दोनों मामलों में गैर-जमानती वारंट जारी किया था। कोर्ट की तरफ से यह वारंट अखिलेश पति त्रिपाठी के कोर्ट में नहीं पेश होने पर जारी किया गया था। इस केस में कोर्ट ने शुक्रवार (नवंबर 1, 2019) को सुनवाई की तारीख दी थी। जैसे ही अखिलेश पति त्रिपाठी कोर्ट पहुँचे, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

विधायक पर आरोप है कि उन्होंने दंगे भड़काने की कोशिश की। जिसमें 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक डेड बॉडी को रखकर विरोध प्रदर्शन किया था। मामले में दिल्ली पुलिस की तरफ से कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। दंगे फैलाने के मामले मे पुलिस की तरफ से तीन एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें गवाहों के अपने बयान से पलट जाने के बाद एक केस मे अखिलेश पति त्रिपाठी को कोर्ट ने बरी कर दिया था।

बता दें कि 2013 में दंगा फैलाने के मामले में स्पेशल जज अजय कुमार कुहार की कोर्ट में अभियोजन पक्ष की गवाही होनी थी। लेकिन सुनवाई के दौरान अखिलेश पति त्रिपाठी न तो पेश हुए और न ही उनके वकील की तरफ से पेशी से छूट की माँग की गई। 

सुनवाई के दौरान इसी मामले के और दो आरोपित राहुल कुमार और संजीव कोर्ट में पेश नहीं हुए। तब कोर्ट ने तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। वहीं अखिलेश त्रिपाठी को मेडिक्लेम घोटाले में भी पटियाला हाउस कोर्ट मे पेश होकर जमानत लेनी पड़ी थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने नकली बिल बनाकर धोखाधड़ी से लाखों रुपए के फर्जी बिल पास करवाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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