के सिवन ने कहा, "चंद्रयान 3 सिर्फ भारत के लिए ही नहीं है, दुनिया भर के वैज्ञानिक इसके द्वारा प्राप्त डेटा का विश्लेषण करेंगे। ये वैश्विक हित के लिए है।"
एलन मस्क ने कहा है कि ये मिशन भारत के लिए काफी अच्छा है। BRICS समिट में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लैंडिंग के कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े हुए थे।
रूस ने साल 2011 में मंगल ग्रह के चंद्रमा के लिए भी फोबोस-ग्रंट-मिशन लॉन्च किया था। लेकिन यह पृथ्वी की कक्षा से भी बाहर नहीं निकल पाया था। ये प्रशांत महासागर में आ गिरा था।