Saturday, September 25, 2021

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इस्लामी आतंक

भारत विरोधी गतिविधियों का नया गढ़ बना ‘तुर्की’, भारत के समुदाय विशेष को रेडिकल बनाने के लिए कर रहा फंडिंग: रिपोर्ट

तुर्की ने कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को सालों आर्थिक मदद की थी। बीते कुछ समय में तुर्की ने अलग तरीकों से भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया है।

बंगाल की प्रज्ञा 2009 में धोखे से बना दी गई थी आएशा: करती थी आतंकी संगठन JMB में महिलाओं की भर्ती, ढाका से गिरफ्तार

पूछताछ में गिरफ्तार युवती ने बताया कि उसका जबरन धर्मांतरण हुआ था। कक्षा 9 में उसे जबरन इस्लाम कबूल कराया गया। उसका असली नाम प्रज्ञा देबनाथ था।

अरब देशों में हिन्दुओं के खिलाफ साजिश रचने वाले कौन? इस्लामोफोबिया को किसने बनाया हथियार

भारतीयों को उकसाने के लिए कुछ पाकिस्तानी प्रायोजित तरीकों से भारत को इस्लामोफ़ोबिया से ग्रसित बताना चाह रहे हैं। ऐसे में अरब देशों में...

8 साल के आतंकी ने ईसाई का सिर उड़ाया, कहा- बदला पूरा होने तक नहीं रुकेंगे: रिपोर्ट्स

ISIS की न्यूज एजेंसी अमाक ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें आठ साल का लड़का एक ईसाई बंधक को गोली मारता नजर आ रहा है। साथ ही ईसाइयों को धमकी भी दे रहा है। एक अन्य घटना में आतंकियों ने पादरी का सिर कलम कर दिया।

देवेंदर के बहाने सेना पर सवाल, आतंकी बेगुनाह? अजीत भारती का वीडियो | Ravish’s CAA tune, Questions security forces

तो क्या आप एक देवेंदर सिंह, जो कि सिख हैं, के नाम पर तमाम उदाहरण को झूठला देंगे कि इस्लामी आतंक दुनिया या इस देश में नहीं है।

पेट्रोल बम फेंको, नौकरी पाओ योजना: ‘ये लोग’ दंगाइयों को पालते रहेंगे, हिंदू सोता रहेगा

आपके पास विकल्प दो ही हैं: डर कर रहिए या सवाल पूछना शुरू कीजिए। सवाल नहीं पूछेंगे कि तुम्हें 'हिन्दुत्व' को फक करने का विचार क्यों आता है, तो ये कल आपकी बहू-बेटियों को छेड़ने से भी नहीं हिचकिचाएँगे। अगर कोई ‘हिन्दुओं से आजादी', ‘हिन्दुत्व की कब्र खुदेगी', 'फक हिन्दुत्व' बोल कर और लिख कर खुले आम टहल रहा है, तो...

पाकिस्तान में आतंकियों की हो रही ऑनलाइन भर्ती, अमेरिकी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

"सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग एप के ज़रिए लोगों को आतंकवादी बनाने को लेकर काम तेज़ी से चल रहा है। इस सम्बन्ध में भारतीय अधिकारियों ने वैश्विक सोशल मीडिया कम्पनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की है।"

हिन्दुओ! भारत में समुदाय विशेष वाला कानून आ गया है, इन्तज़ार खत्म हुआ

चूँकि भाषाई बाध्यता है कि इस नृशंस हत्या का जश्न मनाने वाले जिहादी मानसिकता के मुसलमानों को आप एक स्तर तक ही कुछ कह सकते हैं वरना इनकी परवरिश तो नाली के कीचड़ में मिली विष्ठा में लोटते उस जीव की तरह ही है जिसका नाम लेना मैं चाहता नहीं।

आतंक का एक मजहब है: एक ने स्वीकारा, आप भी स्वीकारिए

चाहे वो मोदी हों, मर्कल हों, मैक्राँ हों, जॉनसन हो या कोई वैसा राष्ट्र जो यह नहीं चाहता कि उसके किसी एयरपोर्ट पर, चर्च में, सड़क पर, पार्क में, मंदिर पर या बस-ट्रेन में बम फूटे, छुरा चले, ट्रकों से लोगों को रौंदा जाए, तो सबसे पहला काम तो वो यह करें कि एक स्वर में इस मुसीबत को उसके पूरे नाम से स्वीकारें कि हाँ, कट्टरपंथी आतंकवाद ने इन सारे देशों में दहशत फैलाई है, जानें ली है, परिवारों को तोड़ा है।

जब फ़्रांस ने कीमत चुकाई थी मक्का बचाने की…

4 साल पहले नवम्बर के महीने में इस्लामिक आतंकी हमला झेलकर फ्रांस ने 40 साल पहले मक्का की मस्जिद बचाने, और इसके अलावा अयातोल्ला खोमैनी को शरण देने की कीमत चुकाई थी।

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