आरोपितों की पहचान शकू, जाहिद, ओसफ, जुबैर, गुफरान, नेमुद्दीन, नानू, शकील, नवीन, तस्लीम, रईस, फेम और अबरार के रूप में हुई है। इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जिसमें से शकू, जाहिद, ओसफ, जुबैर, नानू और तस्लीम को गिरफ्तार किया गया है।
महमूद ने अपने मजहबी भाइयों को उकसाते हुए कहा "अगर हथियार खरीदने के लिए कीमती सामान बेचने की जरूरत हो तो उसे बेचकर भी हथियार खरीदें। इस तरह की ट्रेनिंग वे 12 जगहों पर देंगे। जिसमें अगली बारी दिल्ली की है।"
एसडीएम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जौहर यूनिवर्सिटी की 140 बीघा जमीन के पट्टे को रद्द किया जाता है। कोर्ट ने माना कि यह कोसी नदी की रेतीली जमीन है, जो कि सार्वजनिक है। इस जमीन को गलत तरीके से लीज पर लिया गया था।
पुलिस ने शुक्रवार को हत्या मामले में नामजद आरोपित सोनू सिंह समेत मुन्नू, राम नगीना और विनय कुमार को हिरासत में लिया। इन चारों आरोपितों को घोरावल कोतवाली पुलिस ने नगर के मुक्खा तिराहे से गिरफ्तार किया।
वीडियो में पुलिसकर्मी युवती से कहते हुए सुना जा रहा है, "हाथ में पाँच-पाँच अँगूठियाँ और कड़ा पहनती हो, इसी से पता चलता है कि तुम क्या हो।" पुलिसकर्मी की पहचान थाने में तैनात दीवान के तौर पर हुई है, जिसका नाम तारबाबू है।
"मैं एरिया कमांडर आइएम, रेलवे स्टेशन मास्टर को अवगत कराता हूँ कि मुसलमान क्षेत्र में कांवड़ यात्रा निकली तो जंक्शन को उड़ा दूँगा। अभी मैं शांति से काम चाहता हूँ। आप शासन-प्रशासन को अवगत करा देना।"
ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे समुदाय के लोग उन्हें न तो पूजा करने देते हैं और न ही मंदिर का निर्माण करने दे रहे हैं। विरोध करने पर समुदाय के लोग लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से उन पर हमला कर देते हैं।
सोनभद्र की वह जमीन जिसे लेकर खूनी संघर्ष हुआ, उसमें यूपी के पूर्व राज्यपाल चंद्रशेखकर प्रसाद नारायण के चाचा और कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद महेश्वर प्रसाद नारायण का नाम सामने आया है। साथ ही विवादित जमीनों के मामले में बसपा के कई नेताओं का नाम भी उजागर हुआ है।
वायरल हो रहे इस वीडियो में MLA नाहिद हसन समुदाय विशेष को सन्देश देते हुए कह रहे हैं कि उनके जैसे लोगों के सामान खरीदने से ही भाजपाइयों की दुकान और उनका घर चलता है। अगर वो लोग उनकी दुकान से सामान नहीं खरीदेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी।